श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र नेवटा में बॉब रिटायर्ड जैन मैत्री संघ का त्रैमासिक स्नेह मिलन धार्मिक एवं पारिवारिक वातावरण में संपन्न हुआ। णमोकार दीप अर्चना, सम्मान समारोह और मनोरंजक गतिविधियों ने आयोजन को विशेष बनाया। पढ़िए श्रीफल साथी महावीर जैन की यह रिपोर्ट।
जयपुर। श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र नेवटा में 12 जुलाई को बॉब रिटायर्ड जैन मैत्री संघ का त्रैमासिक स्नेह मिलन कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और आत्मीयता के साथ आयोजित किया गया। भगवान पद्मप्रभु के समक्ष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
णमोकार दीप अर्चना का आयोजन
आचार्यिका 105 विज्ञाश्री माताजी द्वारा रचित णमोकार दीप अर्चना का आयोजन मंजू जैन सेवावाले के सानिध्य में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ संघ के पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। इसके बाद संघ के सदस्यों एवं सह-सदस्यों ने णमोकार महामंत्र के 35 बीजाक्षरों के अनुरूप मंत्रोच्चार के साथ 35 दीप अर्पित किए। अंत में महाआरती के साथ दीप अर्चना का समापन हुआ।
स्वागत एवं संगठन की गतिविधियां
कार्यक्रम का मंगलाचरण शशि जैन, मंजू जैन एवं ज्योति जैन ने किया। संस्थापक अध्यक्ष पी.सी. जैन ने सभी अतिथियों का स्वागत किया, जबकि संघ के सचिव अभिनंदन जैन ने संस्था की गतिविधियों एवं आगामी योजनाओं की जानकारी दी।
सम्मान समारोह आकर्षण का केंद्र
संघ के सदस्य प्रकाशचंद जैन (बगरू) के वैवाहिक जीवन के 50 वर्ष पूर्ण होने पर उनका सम्मान किया गया। हेमंत सोगानी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर भी अभिनंदन किया गया। पंचकल्याणक में भगवान के माता-पिता बनने वाले पदम कुमार एवं चंद्रकांता जैन (पी.के.-सी.के.) का सम्मान हुआ। अष्टान्हिका विधान में इंद्र बनने वाले प्रदीप कांत–सरिता जैन तथा सुनील–कुसुम जैन को भी सम्मानित किया गया।
धार्मिक यात्राओं एवं मनोरंजन पर चर्चा
महेन्द्र जैन ने आगामी धार्मिक यात्राओं की जानकारी साझा की। मंजू जैन सेवावाले द्वारा सदस्यों एवं सह-सदस्यों के मनोरंजन के लिए हाउजी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सरप्राइज उपहार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों ने प्रसन्नता व्यक्त की।
आभार एवं सामूहिक भोजन
कार्यक्रम के अंत में संघ के अध्यक्ष आर.के. जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा सामूहिक भोजन के लिए आमंत्रित किया। मंच संचालन कोषाध्यक्ष मुनेन्द्र गंगवाल ने किया। सभी उपस्थितजनों ने स्नेहपूर्ण वातावरण में स्वादिष्ट भोजन का आनंद लिया।













Add Comment