समाचार

गुरु भगवंत की सेवा में तत्पर मधुकर विहार सेवा ग्रुप : जैन श्वेतांबर समाज टांडा के युवाओं में धर्म के प्रति आस्था और सेवा का है जज्बा


जैन श्वेतांबर समाज टांडा के युवाओं का धर्म, कर्म एवं सामाजिक आस्था को देखकर यह लगता है कि आज की युवा पीढ़ी धर्म और सेवा में बहुत आगे है। यहां की युवा पीढ़ी धर्म के साथ-साथ साधु-साध्वी भगवंत की सेवा में में बहुत आगे है। टांडा के कई युवा व्यसनों से मुक्त हैं। गिरनार तीर्थ एवं पालीताणा तीर्थ की नव्वाणू यात्रा, चोविहार छठ( दो उपवास )कर सात यात्रा भी पूर्ण कर चुके हैं। टांडा से पढ़िए, श्रीफल साथी विष्णु बाथम की यह रिपोर्ट…


टांडा( धार)। जैन श्वेतांबर समाज टांडा के युवाओं का धर्म, कर्म एवं सामाजिक आस्था को देखकर यह लगता है कि आज की युवा पीढ़ी धर्म और सेवा में बहुत आगे है। यहां की युवा पीढ़ी धर्म के साथ-साथ साधु-साध्वी भगवंत की सेवा में में बहुत आगे है। टांडा के कई युवा व्यसनों से मुक्त हैं। गिरनार तीर्थ एवं पालीताणा तीर्थ की नव्वाणू यात्रा, चोविहार छठ( दो उपवास )कर सात यात्रा भी पूर्ण कर चुके हैं। मधुकर विहार सेवा क्या है और यह क्या कार्य करता है। इसके बारे में ग्रुप के कप्तान अजीत हरण ने बताया कि टांडा के युवाओं की एक टीम पुण्य सम्राट श्रीमद विजय जयंतसेन सूरीजी मसा के दिव्य आशीष तथा वर्तमान गच्छाधिपति श्रीमद विजय नित्यसेन सूरीजी मसा, भांडवपुर तीर्थोंद्वारक श्रीमद विजय जयरत्न सूरीजी मसा की प्रेरणा से मधुकर विहार ग्रुप के नाम से जुड़े हुए हैं। जो सभी साधु-साध्वी भगवंत को राजगढ़-रिंगनोद की ओर से या बाग-कुक्षी की ओर से या बोरी-झाबुआ मार्ग से कहीं से भी आगमन की सूचना मिलने पर उनको लेने के लिए 10 से 15 किमी दूर तक लेने के लिए पहुंच जाते है तथा टांडा घाट हो या बाग की ओर का जेतगढ़ घाट या बोरी-झाबुआ का मार्ग सुरक्षित टांडा तक पैदल लेकर आते है तथा यहां से पुनः अन्यत्र विहार के दौरान अगले नगर तक साथ चल कर छोड़कर आते हैं।

समाज की बालिकाएं भी पीछे नहीं

मधुकर ग्रुप में समाज के युवाओं के अलावा साध्वीजी भगवंत के साथ चलने के लिए समाज की बालिकाएं भी पीछे नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि जैन संत प्रातः 5 बजे से एक नगर से दूसरे नगर तक पैदल विहार करते हैं। टांडा की यह मधुकर टीम भी प्रातः 5 बजे से ही उठकर उनके साथ चलती है। जो एक दिन में लगभग 15 से 20 किमी का विहार करते हैं। मधुकर सेवा ग्रुप का सेवा कार्य बहुत ही वंदनीय है। इसकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। आपके इस कार्य से गुरु भगवंत साधु साध्वीजी भगवंत भी बहुत प्रसन्न दिखाई देते हैं तथा टांडा के मधुकर ग्रुप की कई बार प्रशंसा कर चुके हैं।

अपनी सेवा से प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया

मधुकर विहार सेवा ग्रुप पूरे देश में कार्यरत है। वही टांडा ग्रुप ने अपनी उत्कृष्ट सेवा देकर महाराष्ट्र के पुणे शहर में राष्ट्रीय अधिवेशन में सम्मान पाया और देश भर की शाखा में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। वहीं बदनावर के आयोजन में मधुकर विहार सेवा टांडा ग्रुप का सम्मान किया गया। हरण ने बताया कि जैन समाज के अलावा अन्य धर्म के गुरु भगवान यदि पैदल विहार करते हैं। हमें सूचना मिलने पर उन्हें भी हमारी सेवा देने के लिए ग्रुप तैयार हैं।

यह रहते हैं सेवा में तत्पर
सेवा में प्रमुख रूप से कप्तान अजीत हरण, अमित डुंगरवाल, सुमित पगारिया, रक्षित बांठिया, शैलेंद्र डुंगरवाल, मयुर कांकलिया, अमन लोढ़ा, सौरभ हरण, सपन लोढ़ा, विकास चौहान, प्रणय हरण, मयंक चौहान, हिमांशु डांगी, कृतिक हरण, निमिष पगारिया, गौतम श्रीश्रीमाल, भावेश नखैत्रा,अदिती गोलेछा, अंजलि लोढ़ा, पुर्वा चौहान, नेहा चौहान, विधि पगारिया,पलक श्रीश्रीमाल आदि मधुकर विहार सेवा ग्रुप टांडा के सदस्य हमेशा तत्पर रहते हैं।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shree Phal News

About the author

Shree Phal News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page