कुचामन सिटी के निकट स्थित 400 वर्ष प्राचीन रसाल दिगम्बर जैन मंदिर में 6 जुलाई को वेदी एवं शिखर निष्ठापन समारोह श्रद्धापूर्वक आयोजित होगा। कार्यक्रम में पूजन, याग मंडल विधान एवं मूलनायक भगवान सुपार्श्वनाथ की प्रतिष्ठा होगी। पढ़िए श्रीफल साथी सुभाष पहाड़िया की यह रिपोर्ट।
कुचामन सिटी। निकटवर्ती रसाल स्थित लगभग 400 वर्ष प्राचीन दिगम्बर जैन मंदिर में मंदिर जीर्णोद्धार के अंतर्गत सोमवार, 6 जुलाई को वेदी एवं शिखर निष्ठापन समारोह श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर समाजजनों में उत्साह का वातावरण है।
धार्मिक अनुष्ठानों का होगा आयोजन
समारोह में पंडित अमित शास्त्री (जबलपुर) के सानिध्य में प्रातः 7 बजे कलशाभिषेक, शांतिधारा, पूजन एवं याग मंडल विधान संपन्न होगा। इसके पश्चात अस्थायी वेदी पर 1008 श्री मूलनायक भगवान सुपार्श्वनाथ की प्रतिमा का विधि-विधानपूर्वक प्रतिष्ठापन किया जाएगा।
400 वर्ष पुराने जिनालय का हो रहा जीर्णोद्धार
समिति के अशोक अजमेरा ने बताया कि रसाल ग्राम जैन समाज के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। यह समाधिस्थ मुनि श्री शरद पूर्णिमा सागर महाराज की जन्मस्थली होने के साथ-साथ अतिशयकारी प्राचीन जिनालय के रूप में प्रसिद्ध है। उनकी प्रेरणा से मंदिर का व्यापक जीर्णोद्धार कराया जा रहा है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कुचामन की पुरानी धान मंडी जैन मंदिर तथा महावीर मंदिर, डीडवाना रोड से रसाल तक आने-जाने की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु आयोजन में सहभागी बन सकें।
धर्मलाभ लेने की अपील
आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से समय पर उपस्थित होकर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करने एवं धर्मलाभ अर्जित करने की अपील की है। समिति का विश्वास है कि यह आयोजन समाज में धर्म, आस्था और एकता का संदेश प्रसारित करेगा।













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