आगरा के श्री पद्मप्रभु जिनालय, अवधपुरी में श्रुत पंचमी महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। जिनवाणी पूजन, मंगल गीतों और ज्ञान आराधना के माध्यम से श्रद्धालुओं ने धर्म प्रभावना का संदेश दिया। पढ़िए शुभम जैन की यह रिपोर्ट
आगरा। श्री पद्मप्रभु जिनालय, अवधपुरी में जैन धर्म के ज्ञान एवं शास्त्र आराधना के महापर्व श्रुत पंचमी का आयोजन शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में धर्मावलंबियों का आगमन प्रारंभ हो गया और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जिनवाणी माता के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा व्यक्त की।
जिनवाणी माता की भक्ति में सराबोर हुए श्रद्धालु
महोत्सव के दौरान महिलाओं ने मंगल गीतों के मधुर स्वर के बीच भक्ति भावपूर्वक जिनवाणी माताओं को तीन परिक्रमा लगाते हुए श्रीजी के समक्ष अर्पित किया। इस दौरान पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत दिखाई दिया।
विधि-विधान से हुआ जिनवाणी पूजन
इसके पश्चात श्रद्धालुओं द्वारा श्रुत पंचमी जिनवाणी पूजन विधि-विधानपूर्वक सम्पन्न कराया गया। पूजन के दौरान संपूर्ण मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने आगम शास्त्रों के महत्व का स्मरण करते हुए ज्ञान आराधना और स्वाध्याय का संकल्प लिया।
श्रुत पंचमी ज्ञान का महापर्व
इस अवसर पर पंडित विवेक जैन शास्त्री ने कहा कि जैन धर्म में जिनवाणी को मोक्षमार्ग का सच्चा पथप्रदर्शक माना गया है। श्रुत पंचमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, अध्ययन, स्वाध्याय एवं आत्मजागरण का संदेश देने वाला महापर्व है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को जिनवाणी के अध्ययन, संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए प्रेरित किया।
धर्म प्रभावना का लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने धर्म प्रभावना, स्वाध्याय और आत्मकल्याण की मंगल भावनाएं व्यक्त कीं तथा जिनवाणी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर प्रवीण जैन, इंद्रप्रकाश जैन, नरेंद्र कुमार जैन, रवि जैन, जयकुमार जैन, अतुल जैन, मनीष जैन, करुणा जैन, हेमलता जैन, कविता जैन, रंजना जैन, पुष्पा जैन, रागिनी जैन, रेनू जैन, बबली जैन, वंदना जैन, रीता जैन, शालू जैन सहित श्री पद्मप्रभु जिनालय परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।













Add Comment