स्थानीय श्री चंद्रप्रभु जिनालय परिसर में आयोजित दस दिवसीय ‘श्रमण संस्कृति संस्कार शिविर’ का समापन भव्य पुरस्कार वितरण समारोह के साथ संपन्न हुआ।महरौनी से पढ़िए, यह खबर…
महरौनी। स्थानीय श्री चंद्रप्रभु जिनालय परिसर में आयोजित दस दिवसीय ‘श्रमण संस्कृति संस्कार शिविर’ का समापन भव्य पुरस्कार वितरण समारोह के साथ संपन्न हुआ। धार्मिक, सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों पर आधारित इस शिविर में बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर संस्कार, अनुशासन और धर्म अध्ययन का परिचय दिया। समापन अवसर पर समाज के प्रबुद्धजनों ने कहा कि आधुनिक दौर में संस्कार शिविर ही भावी पीढ़ी को नैतिक दिशा देने और सामाजिक उत्थान का सशक्त माध्यम बन सकते हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पवन मोदी अध्यक्ष, प्रशांत सिंघई, आनंद सर्राफ, सुनील ड्योढ़िया, अनिल सिलौनया एवं प्रवीण सिंघई सहित अन्य श्रेष्ठजनों द्वारा भगवान चंद्रप्रभु के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं चित्र अनावरण के साथ किया गया। इसके बाद पाठशाला की छात्राओं ने मंगलाचरण प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम का संचालन सनिल जैन ने प्रभावी ढंग से किया।
परीक्षार्थियों को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया
शिविर के दौरान आयोजित धार्मिक परीक्षाओं एवं प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए गए, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पाठशाला के भाग-1 एवं भाग-2 के विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करने के लिए सांत्वना पुरस्कार भी वितरित किए गए। भक्तामर स्तोत्र एवं तत्वार्थ सूत्र पर आधारित विशेष परीक्षा भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। कठिन श्लोकों और सूत्रों का शुद्ध उच्चारण एवं वाचन करने वाले परीक्षार्थियों को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता के दौरान बच्चों की प्रतिभा और धार्मिक ज्ञान को देखकर उपस्थित समाजजन अभिभूत नजर आए।
पाठशाला की शिक्षिकाओं का विशेष योगदान
पूरे आयोजन को सफल बनाने में श्री चंद्रप्रभु महिला मंडल एवं पाठशाला की शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा। शिविर का संचालन मुख्य संयोजक कुलदीप जैन शिक्षक के मार्गदर्शन में अनुशासित एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। समारोह में पंचायत के अभय घिया , पवन धिया, डॉ. भरत जैन, मुकेश साढूमर, संजय सिलोनिया, अंतिम जैन, मनीष जैन, छोटू साढूमर, वीरेन्द्र, विपिन एवं पारस जैन सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। समापन अवसर पर सांगानेर से आए विद्वान अतिशय शास्त्री अक्षय शास्त्री ‘भैया जी’ का समाज के श्रेष्ठजनों द्वारा शॉल एवं श्रीफल भेंट कर भव्य सम्मान किया गया। समाजजनों ने शिविर में उनके नि:स्वार्थ शिक्षण एवं मार्गदर्शन की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। अंत में शिविर संयोजक नरेन्द्र मलैया एवं व्यवस्थापक ऋषभ मलैया ने सभी सहयोगियों एवं उपस्थित समाजजनों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।













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