दोनों पूज्य माताजी का अत्यंत हृदयविदारक समाधिमरण हो गया। इस घटना से संपूर्ण शांतिप्रिय जैन समाज में गहरा शोक, पीड़ा एवं आक्रोश व्याप्त है। पीठ दिगंबर जैन समाज द्वारा दोनों आर्यिका को विनयांजलि अर्पित की।पीठ से पढ़िए, यह खबर…
पीठ। रीवा के समीप आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज की शिष्या आर्यिका श्री श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका श्री उपशममति माताजी जब शांतिपूर्वक विहाररत थीं, तभी एक कार द्वारा उन्हें कुचल दिया गया। जिससे दोनों पूज्य माताजी का अत्यंत हृदयविदारक समाधिमरण हो गया। इस घटना से संपूर्ण शांतिप्रिय जैन समाज में गहरा शोक, पीड़ा एवं आक्रोश व्याप्त है।
पीठ दिगंबर जैन समाज द्वारा दोनों आर्यिका को विनयांजलि अर्पित की। इस कृत्य की निंदा की एवं उच्चस्तरीय जांच और संतों को उचित सुरक्षा मुहैया कराने के लिए सरकार से माँग की। कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया, प्रवीण शाह, परेश भूता, डॉ. देवीलाल , महेंद्र जैन ने अपने विचार व्यक्त किए। युवाओं से विहार में सहयोग की अपील की। इस दौरान अशोक भूता, राकेश कोठारी, बृजेश भूता, विशाल कोठारी, मनोज कोठारी,कुलदीप कोठारी, दीपक डेचिया, गौरव कोठारी, सुनील भूता, कपिल भूता, हितेन्द्र डेचिया, डॉ. निखिल जैन सहित महिला युवा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन पीयूष डेचिया ने किया।













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