आचार्य श्री 108 विरागसागर जी का 64 वां जन्म उत्सव गाजियाबाद के मोदीनगर में विराजमान आचार्य श्री विमर्शसागर जी (ससंघ 33 पिच्छी) के सानिध्य में मनाया गया। प्रातः काल से ही मोदीनगर में खुशियाँ दिखाई दे रहीं थीं। श्री 1008 शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में जन्म महोत्सव की सभा प्रारंभ हुई। गाजियाबाद से पढ़िए, सोनल जैन की यह रिपोर्ट…
गाजियाबाद। आचार्य श्री 108 विरागसागर जी का 64 वां जन्म उत्सव गाजियाबाद के मोदीनगर में विराजमान आचार्य श्री विमर्शसागर जी (ससंघ 33 पिच्छी) के सानिध्य में मनाया गया। प्रातः काल से ही मोदीनगर में खुशियाँ दिखाई दे रहीं थीं। श्री 1008 शांतिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में जन्म महोत्सव की सभा प्रारंभ हुई और गुरु गुणगान के साथ मंगलाचरण, दीप प्रज्वलन, पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट आदि अनुष्ठान कर गुरुवर की महा-अर्चना गुरु पूजन के माध्यम से की गई। मोदीनगर के समाजश्रेष्ठी सुशील जैन ने कहा कि आचार्य गुरुवर, हमने आपको देखा है, बड़े गुरुदेव के सानिध्य को भी प्राप्त किया है, आपका वात्सल्य ही हमें चुम्बक की भाँति अपनी ओर खींचता है। मैं सम्पूर्ण समाज का नेतृत्व करते हुए आचार्य गुरुवर ससंघ के चरणों में निवेदन करता हूँ कि हे गुरुवर, इस बार चातुर्मास की स्थापना मोदीनगर में ही करें। आचार्य श्री विमर्शसागर जी ने अपने गुरुवर के श्री चरणों में विनयांजलि अर्पित करते हुये कहा कि आचार्य विराग-सागर जी स्वयं ही एक “तीर्थ” बनकर इस धरा पर अवतरित हुए। उन्होंने ग्राम पथरिया में जन्म लेकर मात्र 15 वर्ष ही घर-परिवार में बिताए और 16 वर्ष की अल्पायु में उन्होंने अपने जीवन को संयम से श्रृंगारित कर लिया था। अपने जीवन के 45 वर्ष के साधना काल में उन्होंने जिनशासन को 500-530 पिच्छीधारी साधक-साधिकाएं प्रदान किए जो आज जैन धर्म के शाश्वत गौरव को दिगदिगंत तक फहरा रहे हैं।
आचार्य ने 2 मई 1963 को माता श्यामा देवी-पिता कपूरचंद के यहां जन्म लिया। तप अंगीकार कर तपश्चरण किया और 5 जुलाई 2024 को इस युग की सर्वश्रेष्ठ समाधि को साधकर मानव सभ्यता एवं श्रमण समूह के समक्ष महान आदर्श प्रस्तुत किया। आचार्य का 64 वाँ जन्म महोत्सव है। उन्होंने तो अपना जन्म और जीवन सफल कर लिया। आज भी गुरुवर की शिक्षायें हमें उनकी समीपता का अहसास कराती रहती है। आचार्य गुरुवर के श्री चरणों में अपनी ओर से अपने संघ और आप सबकी ओर से त्रय भक्ति युक्त कोटिशः नमोस्तु करता हूँ।













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