एमडी जैन इंटर कॉलेज ग्राउंड अयोध्या नगरी हरीपर्वत में न्यू आदर्श नगर स्थित श्री 1008 सर्वताभद् जिनालय का श्री आदिनाथ जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का दूसरा दिन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से परिपूर्ण रहा। उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी के सानिध्य में तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के जन्म कल्याणक महोत्सव को उल्लास से मनाया गया। आगरा से पढ़िए, शुभम जैन की यह रिपोर्ट…
आगरा। एमडी जैन इंटर कॉलेज ग्राउंड अयोध्या नगरी हरीपर्वत में न्यू आदर्श नगर स्थित श्री 1008 सर्वताभद् जिनालय का श्री आदिनाथ जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का दूसरा दिन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से परिपूर्ण रहा। उपाध्यायश्री विहसंत सागर जी के सानिध्य में तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के जन्म कल्याणक महोत्सव को उल्लास से मनाया गया। प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पंडाल में उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण धर्ममय हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिनाभिषेक, शांतिधारा एवं जन्म कल्याणक पूजन के साथ हुआ। जिसे प्रतिष्ठाचार्य जय निशांत जैन शास्त्री एवं विधानाचार्य संदीप जैन शास्त्री के निर्देशन में कराया गया। इस दौरान आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज एवं आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के चित्रों का अनावरण एवं दीप प्रज्वलन किया गया।
साथ ही बाहर से पधारे अतिथियों का दुपट्टा भेंट और माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट की परंपरा भी श्रद्धापूर्वक निभाई गई। जैसे ही माता मरूदेवी द्वारा तीर्थंकर बालक के जन्म का संदेश अयोध्या नगरी में गूंजा। पूरा पंडाल भगवान आदिनाथ की जय के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर भव्य जन्म कल्याणक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें तीर्थंकर बालक को ऐरावत हाथी पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया।
1008 स्वर्ण कलशों से भव्य जन्माभिषेक किया
शोभायात्रा में भगवान के माता-पिता, विभिन्न इंद्र-इंद्राणियां, कुबेर स्वरूप श्रद्धालु, अष्टकुमारियां एवं सुसज्जित झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। हिडौन का प्रसिद्ध ताज बैंड सहित विभिन्न बैंडबाजों की मधुर धुनों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया, वहीं कुबेर स्वरूप भक्तों द्वारा रत्नों की वर्षा ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।नगर भ्रमण के पश्चात अयोध्या नगरी पहुंचकर तीर्थंकर बालक की प्रतिमा को कैलाश पर्वत पर विराजमान कर 1008 स्वर्ण कलशों से भव्य जन्माभिषेक किया गया। सायंकालीन कार्यक्रमों में संगीतमय मंगल आरती, सौधर्म इंद्र का तांडव नृत्य,बाल लीला, पालना उत्सव एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया।
25 अप्रैल को प्रातःकाल तीर्थंकर बालक का तप कल्याणक
उपाध्याय श्री विहसंत सागर जी महाराज ने कहा कि तीर्थंकरों का जन्म केवल एक घटना नहीं, बल्कि मानव जीवन को आत्म कल्याण, संयम और मोक्ष मार्ग की ओर प्रेरित करने वाला दिव्य संदेश है। महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्मलाभ अर्जित किया। इस जन्म कल्याणक की शोभायात्रा की व्यवस्था शांतिनाथ युवा मंडल जयपुर हाउस,जय जिनेंद्र युवा समिति छीपीटोला, अरिहंत सेवा मंडल नुनिहाई, नमोस्तु शासन जयवंत हो द्वारा संभाली गई। 25 अप्रैल को प्रातःकाल तीर्थंकर बालक का तप कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा। जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
इनकी उपस्थिति से रहा माहौल गरिमामय
इस पंचकल्याणक महोत्सव में विशिष्ट गरिमा उस समय और बढ़ गई। जब विभिन्न गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति प्राप्त हुई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रशांत पौनिया जिलाध्यक्ष भाजपा, नितेश शिवहरे महानगर महामंत्री, भाजपा एवं दिनेश भारत सदस्य,एससी/एसटी आयोग, उत्तर प्रदेश सरकार पधारे। इसके साथ ही जिला उपाध्यक्ष सहदेव शर्मा एवं जैन सोशल ग्रुप के संदेश जैन की उपस्थिति ने भी कार्यक्रम की शोभा को और अधिक बढ़ाया। सभी अतिथियों ने धर्ममय वातावरण में सहभागिता कर आयोजकों का उत्साहवर्धन किया तथा महोत्सव की भव्यता की सराहना की। इस अवसर पर प्रदीप जैन पीएनसी, रजत जैन, पंकज जैन, पारस जैन कंसल, राजीव बैंक, सुमेर जैन पांड्या, नरेंद्र कुमार जैन, मनोज जैन बल्लो, शैलेंद्र जैन, प्रवीण जैन, दीपक जैन, विशाल जैन, कमल जैन, विष्णु भगवान जैन, अंकेश जैन, उषा मारसंस, खुशबू जैन, बबीता जैन उपस्थित रहे।













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