जैन दर्शन के प्रकांड विद्वान पंडित गोपालदास वरैया की 160वीं जन्म जयंती महोत्सव हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। जैन संस्कृत विद्यालय के संयुक्त मंत्री सुरेशचंद जैन ‘बाबूजी’, इंदौर द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार, गुरुनाम गुरु पंडित गोपालदास जी वरैया ने आज से लगभग 125 वर्ष पूर्व मुरैना नगर में जैन संस्कृत विद्यालय की स्थापना की थी। पढ़िए मनोज जैन नायक की रिपोर्ट…
मुरैना। जैन दर्शन के प्रकांड विद्वान पंडित गोपालदास वरैया की 160वीं जन्म जयंती महोत्सव हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। जैन संस्कृत विद्यालय के संयुक्त मंत्री सुरेशचंद जैन ‘बाबूजी’, इंदौर द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार, गुरुनाम गुरु पंडित गोपालदास जी वरैया ने आज से लगभग 125 वर्ष पूर्व मुरैना नगर में जैन संस्कृत विद्यालय की स्थापना की थी। उनके द्वारा स्थापित यह विद्यालय आज भी उनकी गौरवगाथा का गुणगान कर रहा है। बरैया जी की 160वीं जन्म जयंती समारोह के पावन अवसर पर विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी जैन संस्कृत विद्यालय, मुरैना के सरस्वती हॉल में एक सभा का आयोजन किया गया। सभा के दौरान विद्यालय के पूर्व स्नातक पंडित डॉ. कमलेश जैन शास्त्री (दलपतपुर), वाराणसी का विद्यालय परिवार द्वारा सम्मान किया गया। इस अवसर पर जैन छात्रावास के छात्रों द्वारा लघु नाटिका का मंचन किया गया, जिसकी उपस्थित सभी बंधुओं ने सराहना एवं प्रशंसा की।
जीवनगाथा से कराया परिचित
विद्वान कमलेश शास्त्री सहित सभी वक्ताओं ने गुरुनाम गुरु पंडित गोपालदास वरैया के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनकी जीवनगाथा से सभी को परिचित कराया। कार्यक्रम के शुभारंभ में छात्रों द्वारा मंगलाचरण किया गया। पधारे हुए अतिथियों द्वारा चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्ज्वलन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेमचन्द्र जैन ने की। कार्यक्रम में मनोज जैन बरेह, सुनील जैन भंडारी, पंकज जैन, सुरेशचंद जैन बाबूजी, राजकुमार जैन ‘राजू’, निर्मल भंडारी, वैद्य राजेन्द्र जैन, दिलीप गंगवाल, रविन्द्र जैन, अनिल जैन अम्बाह, प्राचार्य पंडित चक्रेश शास्त्री, पंडित नवनीत जैन शास्त्री, पंडित अभिषेक शास्त्री, विद्यालय के सभी छात्र, श्रीमती मुन्नीदेवी साहुला, समस्त महिला मंडल एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।













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