युग प्रवर्तक प्रथम तीर्थंकर 1008 भगवान श्री ऋषभनाथ का जन्म कल्याणक महोत्सव 12 मार्च 2026, गुरुवार को श्री जैन वीर मंडल के तत्वावधान में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर के सभी जिनालयों में प्रातः 7 बजे अभिषेक, शांतिधारा, पूजन और विधान के कार्यक्रम आयोजित किए गए। पढ़िए सुभाष पहाड़िया की रिपोर्ट…
कुचामनसिटी। युग प्रवर्तक प्रथम तीर्थंकर 1008 भगवान श्री ऋषभनाथ का जन्म कल्याणक महोत्सव 12 मार्च 2026, गुरुवार को श्री जैन वीर मंडल के तत्वावधान में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नगर के सभी जिनालयों में प्रातः 7 बजे अभिषेक, शांतिधारा, पूजन और विधान के कार्यक्रम आयोजित किए गए। सोभागमल गंगवाल और अशोक झांझरी ने जानकारी देते हुए बताया कि इसके पश्चात प्रातः 9 बजे अजमेरी मंदिरजी से भव्य रथ यात्रा निकाली गई। जयकुमार पहाड़िया और सुभाष रावंका के अनुसार रथ यात्रा में भगवान श्रीजी के रथ के सारथी बनने तथा चंवर ढुलाने का सौभाग्य राजेश कुमार, मनोज कुमार पांड्या को प्राप्त हुआ। वहीं खजांची के रूप में चंवर ढुलाने का सौभाग्य संजय कुमार, अजय कुमार और दिलीप कुमार पाटोदी परिवार को मिला। भगवान को रथ में विराजमान कराने का सौभाग्य सुरेश कुमार, नरेश कुमार और शैलेश काला परिवार को प्राप्त हुआ। रथ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पुरुष श्रद्धालु सफेद परिधान, केसरिया दुपट्टा या धोती धारण किए हुए थे, जबकि महिलाएं केसरिया परिधान में शामिल हुईं। बच्चे और बालिकाएं हाथों में ध्वज और बैनर लेकर जुलूस की शोभा बढ़ा रहे थे। जुलूस के दौरान जैन वीर मंडल के सदस्य सोभागमल गंगवाल, अशोक झांझरी, प्रमोद पांड्या, महेंद्र पहाड़िया, भंवरलाल झांझरी और विकास पहाड़िया द्वारा भगवान आदिनाथ के जयकारे लगाए गए और भजन गाकर वातावरण को भक्तिमय बनाया गया। समाज की महिलाओं ने भी भजन और जयकारों के साथ रथ यात्रा में सहभागिता की। इस अवसर पर जुलूस में लालचंद पहाड़िया, विनोद झांझरी, संजय सेठी, अजय पाटोदी, अशोक गंगवाल, देवेंद्र पहाड़िया, संतोष कुमार पहाड़िया, विमल कुमार, वीरेंद्र, राजकुमार, सुरेश, अशोक, विकास, संजय, प्रदीप, विजय, सुभाष, संदीप, अभिषेक, पवन, रमेश जैन सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रथ यात्रा पुरानी धान मंडी, पलटन गेट, गोल प्याऊ, बस स्टैंड, अंबेडकर सर्किल और आथूना दरवाजा होते हुए पुनः धान मंडी पहुंची। वहां मंदिर परिसर में भगवान आदिनाथ का कलशाभिषेक किया गया, जिसे देखकर श्रावक-श्राविकाएं भावविभोर हो उठे और स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया।
कार्यक्रम के समापन पर श्रीमती गुणमाला देवी स्वर्गीय श्री कमलकुमार पांड्या परिवार की ओर से सभी श्रद्धालुओं को इक्षु रस (गन्ने का रस) पिलाया गया।
रात्रि 8 बजे श्री नागौरी नसियांजी में मांगतुंग आचार्य द्वारा रचित भक्ताम्बर स्तोत्र का पाठ किया गया तथा 48 दीपकों से भगवान की आरती कर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कार्यक्रम का समापन किया।













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