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जैन मंदिरों में गूजे जयकारे, प्रभावना पूर्वक हो रहे धार्मिक आयोजन : इन्द्रियों पर विजय ही सबसे बड़ी तपस्या – अविचल सागर महाराज


तपने से जैसे अशुद्ध वस्तु शुद्ध होती है, उसी तरह अपनी आत्मा को तप के माध्यम से जब तपाते हैं तो जीवन में निखार एवं परिणामों में निर्मलता आती है। उक्त विचार मुनि श्री अविचल सागर महाराज ने उत्तम तप दिवस पर देते हुए कहा कि इच्छाओं का निरोध भी तप है किसी तपस्वी की जब छवि देखते हैं वो उसके प्रति श्रद्धा अपने आप होती है। पढ़िए राजीव सिंघाई की रिपोर्ट…


ललितपुर। तपने से जैसे अशुद्ध वस्तु शुद्ध होती है, उसी तरह अपनी आत्मा को तप के माध्यम से जब तपाते हैं तो जीवन में निखार एवं परिणामों में निर्मलता आती है। उक्त विचार मुनि श्री अविचल सागर महाराज ने उत्तम तप दिवस पर देते हुए कहा कि इच्छाओं का निरोध भी तप है किसी तपस्वी की जब छवि देखते हैं वो उसके प्रति श्रद्धा अपने आप होती है। ध्यान और स्वाध्याय द्वारा इन्द्रिय विषयों तथा कषायों का निग्रह कर उसी के तप होता है। पर्यूषण पर्व पर अभिनंदनोदय तीर्थ में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए मुनि श्री अविचल सागर महाराज ने बताया कि इन्द्रिय विषयों पर विजय को जीतना ही सच्ची साधना है।

तप के माध्यम से आत्मा निर्मल होती है और शान्ति की अनुभूति होती है। जीवन को व्यवस्थित करने के लिए अपनी मन,वचन,काय की क्रियाओं को संयमित करना आवश्यक है। वर्तमान में मनुष्य इन्द्रियों के वशीभूत होकर न जाने कितने पाप कर अपने आपको अशान्त कर रहा है। इन्द्रियों पर अंकुश लगाकर वह अपने जीवन को आनंदित बना सकता है और आत्मा में शुक्ल ध्यान जग जाए तो कर्मों से मुक्ति भी हो जाएगी। धर्मसमा के प्रारम्भ में आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के चित्र के सम्मुख दीपप्रज्वलन श्रेष्ठीजनों ने किया जबकि तत्वार्थ सूत्र का वाचन श्रेयसी जैन, अभिनय जैन द्वारा किया गया। अर्घ्य समर्पित दिगम्बर जैन पंचायत के अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया, महामंत्री आकाश जैन, संयोजक सनत जैन खजुरिया, कैप्टन राजकुमार जैन, प्रफुल्ल जैन, पारस जैन के साथ श्रेष्ठीजनों ने किया।

जैन अटामंदिर में पं. पंकज जैन शास्त्री ने धर्मसभा में जैन धर्म में तप की महत्ता को बताते हुए कहा मोक्ष के मार्ग पर चलने के लिए तपश्चरण जरूरी है। धर्मसभा के पूर्व तत्वार्थ सूत्र का वाचन स्मिता जैन लकी व साक्षी सर्राफ द्वारा किया गया। सायंकाल धार्मिक अंताक्षरी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें विजेता प्रतिभागी पुरस्कृत किए गए। आदिनाथ मंदिर नईबस्ती में पं०अनुज शास्त्री सांगानेर के सानिध्य में धार्मिक भजन संध्या का आयोजन हर्ष म्यूजिक ग्रुप ललितपुर,जूनियर रवीन्द्र जैन, अभिमन्यु तोमर, हर्ष जैन, मुकेश सोनी विक्की आदि ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को भावविभेर किया। जिसका सचांलन जितेन्द्र जैन मंदिर प्रबंधक द्वारा किया गया।इसके अतिरिक्त नगर के आदिनाथ मंदिर सिविल लाइन में ब्रहमचारिणी सीमा दीदी मीना दीदी,पार्श्वनाथ जैन नयामंदिर,बड़ा मंदिर में पं०वैभव शास्त्री,बाहुबलि नगर में सोहित शास्त्री,आदिनाथ मंदिर नईबस्ती में अनुज शास्त्री द्वारा शास्त्र प्रवचन हो रहे हैं।

प्रातःकाल से ही नगर के नईबस्ती आदिनाथ मंदिर,चन्द्रप्रभु मंदिर डोंडाघाट, शान्तिनाथ मंदिर गांधीनगर,इलाइट जैन मंदिर,सिविल लाइन जैन मंदिर, एम्ब्रोसिया कालोनी,ज्ञानोदय तीर्थ, मुनिसुव्रतनाथ मंदिर गौशाला में इन दिनों धर्म की अपूर्व धर्मप्रभावना हो रही है। सायंकाल जैन मंदिरों में आरती के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची हुई है।

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