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तीर्थ रक्षा के लिए हजारों ने उठाई आवाज: रामलीला मैदान से आंदोलन का हुआ आगाज 


दिल्ली में रामलीला मैदान पर विश्व जैन संगठन ने तीर्थ बचाओ धर्म बचाओ आंदोलन का आगाज किया। आन्दोलन में हजारों की संख्या में देश के कोने कोने से प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जैन संत आचार्य सुनील सागर जी महाराज ने भी संबोधित किया। पढ़िए राजेश जैन दद्दू की रिपोर्ट ।


दिल्ली आन्दोलन में हजारों की संख्या में देश के कोने कोने से प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विश्व जैन संगठन के प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस आंदोलन में इंदौर, भोपाल, बदनावर वर्धमानपुर, शिवपुरी, अशोक नगर, टीकमगढ़, ललित पुर गाजियाबाद, लखनऊ, नोएडा, सांगली महाराष्ट्र, मुंबई, नासिक, पुणे, आदि देश के हर कोने से तीर्थ रक्षक आए हुए थे। इस आंदोलन में बुजुर्ग, महिला पुरुष और बच्चों सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने एक स्वर में अपने प्रत्येक तीर्थ की रक्षा के लिए आवाज उठाई और जय घोष करते हुए कहा की जब तक सूरज चांद रहेगा तीर्थ क्षेत्रों का सम्मान रहेगा । बात चाहे गिरनार की हो, चाहे उदयगिरि की, चाहे अंजनगिरि हो, चाहे ग्वालियर के महावीर मंदिर की हो, इंदौर के गोम्मटगिरी सभी का संरक्षण हमे चाहिए। हाई कोर्ट के 17 फरवरी 2005 के आदेश का पालन हो और हमें गिरनार पर दर्शन पूजन का अधिकार मिले।

जैन संतों का भी मिला आशीर्वाद 

साथ ही जैन संत आचार्य सुनील सागर जी महाराज ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि जैन समाज किसी भी संवैधानिक न्याय नहीं मांग रहा है केवल और केवल दर्शन पाठ पूजा जो कोर्ट के द्वारा आदेशित 2005 में दिया हुआ है उसका आदेशों का पालन किया जाए और सौहार्द बना रहे आपस में मेल मिलाप बना रहे,इसी श्रृंखला परम पूज्य मुनि श्री सुधा सागर जी, मुनि श्री आदित्य सागर जी, मुनि श्री प्रणुत सागर जी ने कहा कि हिंदू जैन जैसे शब्दों का और संतो के प्रति अपशब्दों का प्रयोग ना करें।

ये रहे मौजूद 

इस कार्यक्रम में इंदौर से भी विश्व जैन संगठन के कई पदाधिकारियों ने उपस्थित देकर तीर्थ और धर्म की रक्षा के लिए हुंकार के साथ संकल्पित होकर विश्व जैन संगठन इंदौर के अध्यक्ष मयंक जैन, ओम पाटोदी (महामंत्री), एड.पारस जैन (सचिव), नीरज जैन, निर्मल गंगवाल, दिनेश जैन, संगम जैन एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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