श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर, डीडवाना रोड पर वैशाख कृष्ण पक्ष चतुर्दशी के पावन अवसर पर आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य उपाध्याय मुनि श्री विकसंत सागर जी के सानिध्य में अहिंसा एवं आत्म संयम के प्रतीक तीर्थंकर भगवान नमिनाथ का मोक्ष कल्याणक श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। कुचामनसिटी से पढ़िए, सुभाष पहाड़िया की यह खबर…
कुचामनसिटी। श्री 1008 भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर, डीडवाना रोड पर वैशाख कृष्ण पक्ष चतुर्दशी के पावन अवसर पर आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य उपाध्याय मुनि श्री विकसंत सागर जी के सानिध्य में अहिंसा एवं आत्म संयम के प्रतीक तीर्थंकर भगवान नमिनाथ का मोक्ष कल्याणक श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कलशाभिषेक, शांतिधारा एवं विधान पूजन हुआ। साथ ही निर्वाण लाडू अर्पित कर सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं ने भगवान के चरणों में अपनी भक्ति अर्पित की। अध्यक्ष लालचंद पहाडिया ने बताया कि प्रथम शांतिधारा करने का सौभाग्य संजय कुमार सिद्धार्थ सेठी परिवार को प्राप्त हुआ। द्वितीय शांतिधारा का लाभ विमलचंद, विनय एवं विकास पहाड़िया परिवार को मिला। निर्वाण लड्डू चढ़ाने का सौभाग्य उमरादेवी एवं राजकुमारी काला (धाटी कुवा) परिवार को प्राप्त हुआ। पाद प्रक्षालन एवं शास्त्र भेंट का पुण्य लाभ पवन कुमार, इन्द्रमणी, आकाश, सोनाली एवं अक्षत पहाड़िया परिवार को प्राप्त हुआ।
विधान में निर्मला, मनीषा पहाड़िया, अलका झांझरी, हीरा पांड्या एवं अनिता काला को कलश विराजमान का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मंदिर मुकेश काला विमल पाटोदी ने बताया की भगवान नमिनाथ विधान के पुण्यार्जक विमलचंद, सुशीलादेवी, विनय, मनीषा, विकास, कल्पना, ऋषभ एवं अक्षत पहाड़िया परिवार रहे। विधान संगीत के साथ संपन्न हुआ। जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से सहभागिता निभाई। इस अवसर पर उपाध्याय श्री ने पूजा-विधान का सारगर्भित अर्थ समझाते हुए धर्म मार्ग पर अग्रसर होने का प्रेरणादायक संदेश दिया।













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