समाचार

गुणवानों का साथ ही जीवन के उत्कर्ष का आधार : आर्यिका सिद्धमति माताजी ने ‘संगति’ के महत्व पर प्रकाश डाला


वागड़ अंचल के ऐतिहासिक नगर नौगामा में आर्यिका रत्न 105 श्री सिद्धमति माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में धर्म की अविरल धारा बह रही है। मंगलवार को प्रातःकाल की शुभ बेला में वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ भगवान एवं नेमिनाथ भगवान का अभिषेक और शांतिधारा की गई। नौगामा से पढ़िए, सुरेशचंद्र गांधी की यह रिपोर्ट…


नौगामा (राजस्थान)। वागड़ अंचल के ऐतिहासिक नगर नौगामा में आर्यिका रत्न 105 श्री सिद्धमति माताजी ससंघ के पावन सानिध्य में धर्म की अविरल धारा बह रही है। मंगलवार को प्रातःकाल की शुभ बेला में वागड़ के बड़े बाबा आदिनाथ भगवान एवं नेमिनाथ भगवान का अभिषेक और शांतिधारा की गई। जिसमें बड़ी संख्या में श्रावकों ने शामिल होकर पुण्य अर्जन किया। शांतिधारा के बाद मंगल प्रवचनों की श्रृंखला में सम्मति देवी ने मंगलाचरण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभा को संबोधित करते हुए आर्यिका श्री सिद्धमति माताजी ने ‘संगति’ के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य जैसा संग करता है, उसे वैसा ही फल प्राप्त होता है। माताजी ने सोदाहरण स्पष्ट किया कि जब अग्नि लोहे की संगति करती है तो उसे हथौड़ों की मार सहनी पड़ती है। जल स्वभाव से शीतल है, लेकिन यदि वह करेले की जड़ में जाए तो कड़वा और गन्ने में जाए तो मीठा हो जाता है। दूध यदि सर्प के मुख में जाए तो विष बन जाता है, जबकि, वही दूध औषधि के रूप में जीवनदाता होता है। माताजी ने जोर देकर कहा कि यदि जीवन में सुखी होना है, तो देव-शास्त्र-गुरु की सच्ची संगति करें। अपनी ‘स्थिति’ के चक्कर में अपनी ‘मनःस्थिति’ को न बिगड़ने दें। आत्म-स्वभाव को जानकर ही सम्यक दर्शन और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।

धार्मिक संस्कारों से ही बनेंगे बच्चे संस्कारवान

सायंकालीन सत्र में माताजी ने जैन पाठशाला के नन्हे छात्रों को ‘जिनवाणी संरक्षण’ का महत्व समझाया। उन्होंने अभिभावकों से मार्मिक अपील करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा आज की जरूरत हो सकती है, लेकिन बच्चों को धार्मिक शिक्षा देना अनिवार्य है। बिना संस्कारों के शिक्षा अधूरी है; धार्मिक ज्ञान ही बच्चों को कुल और समाज का गौरव बढ़ाना सिखाएगा। मंगलवार के कार्यक्रमों में स्थानीय जैन समाज सहित आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर धर्म लाभ लिया।

आप को यह कंटेंट कैसा लगा अपनी प्रतिक्रिया जरूर दे।
+1
0
+1
0
+1
0
Shree Phal News

About the author

Shree Phal News

Add Comment

Click here to post a comment

You cannot copy content of this page