गणिनी आर्यिका श्री सुपार्श्वमति जी की समाधि स्थली श्री चंद्रप्रभ जिनालय में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी 36 साधु सहित ग्रीष्म कालीन वाचना कर रहे हैं। उन्होंने...
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श्री चंद्र प्रभ जिनालय बड़ के बालाजी में संघ सहित विराजित आचार्य श्री वर्धमान सागर जी द्वारा दिया गया संवाद, गीत और धर्म-ज्ञान अत्यंत प्रेरणादायक रहा। पाठशाला...
जैन धर्म, एक ऐसा धर्म, जो अपनी प्राचीनता, महानता और अद्वितीय सिद्धांतों के कारण सम्पूर्ण विश्व में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। जिसके प्रत्येक आचार्य...
जहां भय समाप्त होता है, वहीं से धर्म की शुरुआत होती है। मनुष्य के जीवन में जैसे ही धर्म शब्द प्रवेश करता है, उसके मन में अनेक प्रश्न जन्म लेने लगते हैं। यह...
जीवन में सर्व बाधाओं से मुक्ति, मानसिक शांति एवं आत्मकल्याण की मंगल भावना के साथ आयोजित श्री कल्याण मंदिर विधान अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण में...
सलेहा की पावन धरती आज ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी। जब आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज संघ सहित भव्य मंगल प्रवेश करते हुए नगर में पधारे। उनके साथ 60 दिगंबर...
आचार्य वर्धमान सागर जी जैन समाज के निवेदन पर शीतकालीन प्रवास 32 साधुओं के साथ पार्श्वनाथ नसिया जी संत भवन में कर रहे हैं। जबसे आचार्य श्री पधारे है, प्रति...
श्रमण संस्कृति के आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज का द्वितीय समाधि दिवस मंगलवार को पूरे भारत में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। इंदौर से पढ़िए...








