अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागरजी महाराज के सानिध्य में प्रतिदिन आदिनाथ पुराण का वाचन हो रहा है। आदिनाथ पुराण का वर्णन करते हुवे बताया की अगर तुम्हें भी अपने...
Tag - मंगल देशना
अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्य सागरजी महाराज के सानिध्य में प्रतिदिन आदिनाथ पुराण का वाचन हो रहा है। आदिनाथ पुराण का वर्णन करते हुवे बताया की यदि हमें अपने मरण का...
श्री विशुद्ध सागरजी के शिष्य श्री आदित्य सागरजी, अप्रमित सागरजी, आराध्य सागरजी, सहज सागरजी एवं क्षुल्लक श्रेयस सागरजी ससंघ के सानिध्य में सर्वाेदय पार्श्वनाथ...
सिद्धचक्र मंडल विधान के पूजन अवसर पर आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने मंगल देशना प्रकट की। प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान क्रियाएं हो रही हैं। जैनत्व के संस्कार...
मुनिश्री आदित्य सागरजी ससंघ सानिध्य में श्री भक्तामर महामंडल विधान अर्चना के तीन दिवसीय आयोजन का आज दूसरा दिन प्रातः 06.30 से प्रारम्भ हुआ। श्री भक्तांबर...
आज रामचंद्र नगर स्थित आदिनाथ बाग में पुज्य मुनिश्री प्रमाण सागरजी अपनी मंगल देशना में कहा कि ’होकर सुख में मग्न न फूले, दुःख में कभी न घबरावे, इष्ट वियोग और...
श्री महावीर स्वामी दिगंबर जैन मंदिर में आज धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री ने कहा कि दुनिया में सज्जन-दुर्जन कई प्रकार के जीव रहते हैं। वे एक-दूसरे की...
सम्यक ज्ञान समीचीन ज्ञान है। समीचीन ज्ञान स्वाध्याय तप संयम के माध्यम से अपनी शक्ति सामर्थ्य को प्रकट करें। इससे सम्यक दर्शन, ज्ञान और चरित्र प्राप्त होता है।...
आप बहुमंजिला इमारतों में रहते हैं, लेकिन तीन खंड वास्तविक मकान को आप भूल रहे हैं। पहला खंड हमारी आत्मा, दूसरा खंड शरीर, और तीसरा खंड मन। इसमें आत्मा प्रथम खंड...
दुनिया में कोई दुख नहीं होता तो भक्त व भगवान नहीं होते: मुनिपुंगव श्री सुधासागर महाराज ने दिए प्रवचन
दुनिया में यदि दुःख नही होता तो भक्त और भगवान नही होते। तुम्हारी जिंदगी में दुःख है इसलिए तुम्हारी जिंदगी में मां-बाप है। जहां-जहां मां शब्द लगा हुआ है। उसका...








