Tag - प्रवचन

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चातुर्मासिक धर्मसभा में दिए प्रवचन साधु, राजा और पूजा को निकला श्रावक होता है मांगलिक: मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज

निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पुरुष तीन अवस्थाओं में मांगलिक होता है, एक साधु, दूसरा राजा और तीसरा जब कोई...

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आत्मा निराकार हैं, शरीर से ज्यादा फिक्र आत्मा की करें: आचार्य विनिश्चयसागर ने आत्मा का सार बताया 

बहुत से लोगों को जिज्ञासा रहती है कि इस शरीर के अंदर कौन रहता है। बहुत कोशिश की गई, बहुत खोज की गई। बड़े बड़े वैज्ञानिकों ने इसका समाधान पाने के लिए बहुत शोध...

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भगवान की भक्ति, आराधना एवं विशुद्ध आचरण से दुर्लभ से दुर्लभ वस्तु भी सुलभता से प्राप्त हो जाती है : आर्यिका विभाश्री ने प्रभु की भक्ति की महिमा का किया बखान 

वासुपूज्य जिनालय के प्रांगण में गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने अपने प्रवचन के माध्यम से प्रभु की भक्ति की महिमा का व्याख्यान किया | जब मेरा मन और तन पवित्र...

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गणाचार्यश्री के शिष्य देश में जगह जगह कर रहे धर्म प्रभावना : श्रेयांसगिरि मे 6 दीक्षार्थियों को गणाचार्य श्री विरागसागर ने दिया दीक्षा का आशीर्वाद

श्रेयांसगिरि में चातुर्मासरत गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज ने छिंदवाड़ा से आए श्रमणाचार्य श्री 108 विभव सागर जी महाराज के संघस्थ 6 ब्रह्मचारिणी दीदी व भैया...

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भगवान महावीर धर्म स्थल में कल्याण मंदिर स्रोत विधान का आयोजन : मित्र स्वार्थी नहीं, निस्वार्थी और सच्चा होना चाहिए- आचार्य श्री प्रमुख सागर

आचार्य श्री प्रमुख सागर‌ महाराज ससंघ के सान्निध्य में रविवार को मैत्री दिवस के उपलक्ष्य में पूर्वांचल की धरा पर प्रथम बार 108 पुरुषों द्वारा आचार्य श्री ससंघ...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : धर्म तत्त्व को जीवन में अंगीकार करने से ही उन्नति का मार्ग मिलता है- आर्यिका विभाश्री

गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि हमारे परिणामों में इतनी शांति होनी चाहिये कि कितना भी क्रोधी व्यक्ति हमारे आभामण्डल में आ जाये तो वह भी...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : इस असार संसार में कोई किसी का नहीं हैं -आचार्य विनिश्चय सागर

हमें जीवन कैसे जीना है, ये आना चाहिए। हमको इसे जीना आना चाहिए। लोग दुखी क्यों होते हैं, क्यों अवसान में चले जाते हैं ? क्यों दूसरों को कोसते हैं ? इस सबका कारण...

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उग्र तपस्वी पुष्पा बहना करते अभिनन्दन आज तुम्हारा : दीर्घ मासक्षमण तपस्वी पुष्पा पगारिया की निकली जयकार यात्रा

पूज्य श्री धर्मदास स्थानकवासी जैन सम्प्रदाय के प्रवर्तक पूज्य श्री जिनेन्द्रमुनिजी महाराज की आज्ञानुवर्ती पूज्या श्री निखिलशीलाजी माताजी आदि ठाणा – 4 के...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : देव, शास्त्र और गुरु के सामने कभी गरीब मत बनना-मुनि सुधासागर महाराज

जैन सम्प्रदाय में कहा है भगवान, गुरु के सामने कभी लेने नहीं जाना। उनको देना है। खेत में बोएंगे, तभी फसल आएगी। बड़ों का धन भोगा नहीं जाता, उनको दिया जाता है।...

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चातुर्मासिक धर्मसभा में प्रवचन : जो लोग कान के कच्चे होते हैं वह लोग आगम के अच्छे शुत्र को छोड़ देते हैं- आचार्य श्री प्रमुख सागर

चार्य श्री प्रमुख सागर महाराज ने कहा कि संसार में सबके पास कान हैं। कान से सुनते सब हैं परन्तु कान की बात पर ध्यान नहीं देते हैं। जो लोग कान के कच्चे होते हैं...

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