Tag - धर्मसभा

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सद्भाव वह दीपक है जो अंधकार में भी उजाला फैलाता है: पथरिया में निरंतर जारी हैं मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी के अनमोल वचन

आचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज ससंघ का चातुर्मास पथरिया में चल रहा है। उन्हीं के सानिध्य में मुनिराजों के प्रवचन भी यहां पर नित हो रहे हैं। इन प्रवचनों में धर्म...

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प्रीति है तो लोग आपका सहयोग करेंगे : प्रीति के माध्यम से संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर 

नगर के भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में मुनिराजों का चातुर्मास जारी है और उनके प्रवचनों से स्थानीय समाजजन लाभान्वित हो रहे हैं। यहां प्रवचन में मुनि महाराज...

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एक छोटा सा व्यसन जीवन को नष्ट करने को काफी: मुनिश्री ने संयमित जीवन बनाने की दी सीख 

नांद्रे नगर में चातुर्मासरत मुनिराजों के प्रवचन और दर्शन के लिए बड़ी संख्या में समाजजन आ रहे हैं। रोज यहां धर्मसभा में अनमोल वचनों का लाभ लिया जा रहा है।...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -164 जीवन में कभी दिखावे से प्रभावित नहीं होना चाहिए : असली मूल्य आचरण और सच्चाई हैं

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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पर्युषण पर्व की शुरुआत : 9 दिन तक न बनेगी और न बिकेगी मिठाई-नमकीन

पाली में जैन समाज का पर्युषण पर्व शुरू हो गया है। इस दौरान पूरे 9 दिन तक शहर की मिठाई-नमकीन की दुकानें और 600 फैक्ट्रियां बंद रहती हैं। करीब 20 हजार मजदूरों को...

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दूसरों की मदद करने के सुख बखान नहीं हो सकता : मुनि श्री सर्वार्थ सागर ने परहित को सबसे श्रेष्ठ किया निरूपित

पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज का ससंघ चातुर्मास पथरिया में चल रहा है। इस दौरान प्रभु भक्ति, आराधना, अभिषेक, पूजन आदि चल रहे हैं। इसी दौरान पट्टाचार्य...

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श्रद्धा से शक्ति स्वयं ही आ जाती है : मुनि श्री जयंत सागर जी ने प्रेम, श्रद्धा और आस्था का बताया महत्व

मुनि श्री जयंत सागर जी ने गुरुवार को अपने प्रवचन में कहा कि धर्म के प्रति श्रद्धा है तो स्वतः ही अंदर में शक्ति आ जाती है। नांद्रे से पढ़िए, अभिषेक अशोक पाटिल...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -163 सच बोलो चाहे वो कड़वा ही क्यों न हो : धर्म का मूल आधार प्रेम और सत्य है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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सहारनपुर में 30 पीछीधारी संतों का दुर्लभ सानिध्य : आपका अभिमान बताता है, आप गुणवान नहीं हैं – आचार्य विमर्शसागर जी

सहारनपुर में आचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य यदि अपने छोटे-से गुणों पर अभिमान करता है तो वह वास्तविक गुणवान...

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मन और वचन में अंतर तिर्यंच गति का कारण है : मायाचारी से बचना जरूरी है – आचार्य विनिश्चय सागर महाराज

रामगंजमंडी में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने धर्मसभा में प्रवचन देते हुए कहा कि मायाचारी तिर्यंच गति का कारण बनती है। मन में कुछ और वचन में कुछ कहना...

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