जैन दर्शन में प्राणी मात्र के कल्याण पर जोर दिया गया है। संसार के प्रत्येक प्राणी के अंदर अपार क्षमता है लेकिन, कषायों के वशीभूत होकर वह सब कुछ भूल चुका है।...
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नगर में मुनिराजों के वर्षायोग चातुर्मास के चलते धर्मसभा में मंगल वचनों की अपूर्व वर्षा हो रही है। मुनियों के प्रवचन से यहां की धर्मप्रेमी जनता का धर्म आराधना...
भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में आचार्यश्री शांतिसागर जी के समाधि दिवस पर मुनिराजों के सानिध्य में गुणानुवाद किया गया। पट्टाचार्य विशुद्धसागरजी महाराज के...
श्रीक्षेत्र अरिहंतगिरी के भट्टारक धवलकीर्ति जी स्वामी ने कहा कि कि धर्मस्थल का प्रमुख मंदिर शिव मंदिर (मंजुनाथ स्वामी) है, जिसका संचालन और संरक्षण हेगड़े...
अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज ने कहा कि पर्युषण पर्व में एक बार संत का जीवन जीकर देखो, तब समझ आएगा कि वास्तव में संतजीवन क्या होता है और चर्या...
हमारे वीतरागी संत केवल अपना ही नहीं, बल्कि समस्त जीव जगत का कल्याण करते हैं। समाज और राष्ट्र को उनका योगदान अतुलनीय है। बीसवीं शताब्दी में इस परंपरा के...
पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी ससंघ का चातुर्मास पथरिया में चल रहा है। यहां प्रतिदिन मुनियों के प्रवचन हो रहे हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन मौजूद रहे।...
अंतरराष्ट्रीय दिगंबर जैन पोरवाड़ सामाजिक मंच का वार्षिक अधिवेशन एवं साधारण सभा रविवार, 24 अगस्त को मोदीजी की नसिया, बड़े गणपति, इंदौर में आयोजित हुई। यह आयोजन...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...
दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...








