Tag - तीर्थंकर

तीर्थ यात्रा

अतिशय तीर्थ पार्ट 20 इस पवित्र मंदिर में पांच भूमिगत स्तर हैं, जिनमें से पांचवां तल हमेशा बंद रखा जाता है यक्षों द्वारा संरक्षित एक प्राचीन छोटा मंदिर है यहां

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ के जीवन और शिक्षाओं से भी गहराई से जुड़ा हुआ है यह स्थल : अहिच्छत्रा है प्राचीन जैन विरासत और पुरातात्विक समृद्धि का संगम

अहिच्छत्रा, एक प्राचीन नगर, इतिहास और धर्म के संगम का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, विशेषकर जैन धर्म के संदर्भ में। यह न केवल प्राचीन भारत के 52 जनपदों में से एक...

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अतिशय तीर्थ पार्ट 19 काले पत्थर से बनी मूर्ति होने के कारण इस मंदिर का एक नाम है कालाजी मंदिर सदियों से भगवान को केसर भेंट करने की परंपरा रही है इस मंदिर में

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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सीहोर में होगा नेमिनाथ मज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक: भक्ति, उमंग और उत्साह अपनी पराकाष्ठा पर रहेगी

मुनिश्री आदित्यसागर जी ससंघ के मंगल सानिध्य में भगवान मज्जिनेंद्र जिनबिम्ब पंचकल्याणक महोत्सव का आयोजन 16 से 21 जनवरी तक होगा। इस भव्य आयोजन के लिए सीहोर के...

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गतवर्ष की समाप्ति व नववर्ष के आगमन: 48 दीपो से भक्तामर पाठ की आराधना की

प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान के समक्ष सभी समाजजनों के द्वारा 48 दीप प्रज्वलित कर के आचार्य मानतुंगाचार्य के द्वारा रचित भक्तामरजी के पाठ की आराधना की गई। पढ़िए...

आलेख श्रीफल ओरिजिनल

26 दिसंबर को मनाया जाएगा भगवान चंद्रप्रभ का जन्म और तपकल्याणक : जानिए भगवान चंद्रप्रभ के देश भर के प्रमुख अतिशय क्षेत्रों के बारे में

भगवान चंद्रप्रभ का जीवन तपस्या और साधना से परिपूर्ण था, और उनके जीवन के कई प्रसंगों से भक्तों को प्रेरणा मिलती है। 26 दिसंबर को भगवान चंद्रप्रभु के जन्मकल्याणक...

आलेख श्रीफल ओरिजिनल

26 दिसंबर को भगवान पार्श्वनाथ का जन्म और तप कल्याणक मनाया जाएगा : जानिए भगवान पार्श्वनाथ के देश भर के प्रमुख अतिशय क्षेत्रों के बारे में

भगवान पार्श्वनाथ की जीवनगाथाएं, उनके उपदेश और उनके चमत्कारी कार्य आज भी लाखों भक्तों को प्रेरित करते हैं। उनकी जन्मजयंती पर आयोजित होने वाले आयोजनों में लाखों...

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1151 वर्ष पुरानी वासुपूज्य भगवान की प्रतिमा स्थापित है इस मंदिर में : डिजिटल तकनीक का उपयोग करके इस प्रतिमा का मूल स्वरूप किया प्रस्तुत

 श्री 1008 वासुपूज्य दिगंबर जैन मंदिर भूधर तीर्थ श्रीकेशरियाजी से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां पर मूलनायक श्री 1008 वासुपूज्य भगवान की अत्यंत...

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अतिशय तीर्थ पार्ट 18 यहां रात को होता है देवताओं का आगमन, सुनाई देती है घुंघुरुओं की आवाज आज तक कोई नहीं कर पाया है इस मंदिर के खम्बों की सही गिनती

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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अतिशय तीर्थ पार्ट 17 मूर्ति प्रकट होने के बाद इलाके में आई समृद्धि और खुशहाली यहां दर्शन मात्र से दूर होती हैं भूत-प्रेत की समस्याएं या परेशानियां

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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