Tag - जैन आगम

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भारतीय ज्ञान परंपरा के उत्कर्ष में जैन दर्शन, साहित्य और संस्कृति की अमिट भूमिका : अहिंसा, अनेकांत और ज्ञान की धारा ने समृद्ध किया भारतीय चिंतन

भारतीय ज्ञान परंपरा के विकास में जैन दर्शन, साहित्य और संस्कृति का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। प्राकृत भाषा, आगम साहित्य और जैनाचार्यों के वाङ्मय ने...

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श्रुत पंचमी जिनवाणी के प्रति श्रद्धा, संरक्षण एवं कृतज्ञता का महापर्व : महावीर मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा, श्रद्धालुओं ने लिया नियमित स्वाध्याय का संकल्प

कुचामन सिटी के महावीर मंदिर में श्रुत पंचमी महापर्व श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। जिनवाणी माता की भव्य शोभायात्रा, विशेष पूजा-अर्चना और स्वाध्याय संकल्प...

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हमारा जैन आगम चार अनुयोगों में बंटा हुआ : ये अनुयोग मोक्ष मार्ग के साधक हैं और इनमें जैन धर्म की संपूर्ण शिक्षा समाहित है-मुनि श्री विमलसागर जी 

उदय नगर जैन मंदिर के प्रांगण में मुनि श्री विमल सागर जी ने अपने प्रवचन में कहा कि हमारा जैनागम (शास्त्र) चार अनुयोगों में बटा हुआ है। हम किसी भी एक योग को गौण...

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शोधपत्रों में प्राकृत विद्या के विविध आयामों पर हुआ गहन मंथन :  राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम सत्र में विद्वानों ने प्रस्तुत की श्रेष्ठ और सारगर्भित मीमांसा

कुंद-कुंद ज्ञानपीठ, इंदौर की राष्ट्रीय संगोष्ठी के प्रथम सत्र में प्राकृत वाङ्मय, जैन आगम, योग, ध्यान, पर्यावरण और ज्योतिष जैसे विषयों पर विद्वानों ने शोधपत्र...

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मुनि श्री 108 सर्वार्थ सागर जी को मिली विशुद्ध विद्यावारिधि उपाधि : जैन रत्न मुनि श्री के साहित्यिक और आध्यात्मिक योगदान का सम्मान

मुनि श्री 108 सर्वार्थ सागर जी महाराज को उनके विशिष्ट साहित्यिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान के लिए प्रतिष्ठित “विशुद्ध विद्यावारिधि” उपाधि प्रदान की गई है...

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आचार्य विनिश्चय सागर जी के सानिध्य में राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ : जैन दर्शन के अनमोल रत्नों ने आगमोदय ग्रंथ पर किया विमर्श

रामगंजमंडी स्थित सिद्ध क्षेत्र में आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज के सानिध्य में दो दिवसीय राष्ट्रीय विद्वत संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। देशभर से आए...

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इस भाषा में हजारों जैन आगम और जैन साहित्य रचित हैं : केंद्र सरकार ने प्राकृत भाषा को शास्त्रीय भाषा घोषित किया

 प्राकृत भाषा, भारत की एक प्राचीन भाषा, से अनेक अन्य भारतीय भाषाओं और बोलियों का उद्भव हुआ है। इस भाषा में हजारों जैन आगम और जैन साहित्य रचित हैं, जो लगभग 2500...

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