आपके हर छोटे-बड़े काम के लिए दौड़े आने वाले बच्चे, उन करियर सजग बच्चों से कहीं अधिक तवज्जो और सम्मान के हकदार हैं। अपने बच्चों को “संवेदनशील”...
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सम्प्रति काल में अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्चर्य की उतनी ही आवश्यकता है, जितनी भगवान् महावीर स्वामी के काल में थी। पूर्व में धर्म के नाम से हिंसा होती थी।...
मैत्री भाव के साथ आपस में मिल जुलकर महावीर भगवान द्वारा दी गई वाणी को साकार कर विश्वबंधुत्व की कड़ी को मजबूत बनायें। पढ़िए महावीर जयंती पर सुमति प्रकाश जैन...
लेखिका – संघस्थ बाल ब्रह्मचारिणी आर्यिका श्री विश्वयशमति संकलन – राजेश पंचोलिया, इंदौर साधना और मंगल भावना की संपूर्णता का नाम है पूज्य आर्यिका 105...
लेखक-डॉ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’, इन्दौर हम मंदिर बनाते हैं खास तौर पर जैन मंदिर तो उसकी एक ही वेदी पर अनेकों प्रतिमाएँ विराजमान कर देते हैं। यदि मंदिर की...








