आज अनेक श्रावकों और युवाओं ने श्री जी के अभिषेक के साथ पूजन करने का नियम लिया है। 55 वर्ष पूर्व दीक्षा गुरु आचार्य श्री धर्मसागर जी के सन 1970 चातुर्मास में...
Tag - आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज
श्रवण बेलगोला (कर्नाटक) के भट्टारक श्री चारुकीर्ति जी टोंक पहुंचे, जहां उन्होंने आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के दर्शन कर चरण प्रक्षालन किया और रजत...
समाधिस्थ मुनि श्री निर्मल सागर जी की जन्म एवं समाधि भूमि अतिशय क्षेत्र टोंक में क्षुल्लक श्री शीलसागर जी का मंगलवार रात्रि 12.43 बजे आचार्य श्री के श्री मुख से...
प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवती आचार्य श्री शांतिसागर जी को अश्विन शुक्ल 13 त्रयोदशी संवत 1981 वर्ष 1924 में आचार्य पद दिया गया था। यह आचार्य प्रतिष्ठापन दिवस है।...
मुनि श्री पूज्य सागर जी के प्रथम शिक्षा गुरु और व्रत प्रदाता आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को जिनवाणी माता श्री नमीष जैन, अध्यक्ष पोरवाड़ समाज, इंदौर ने आचार्य...
अतिशय क्षेत्र टोंक में प्रतिदिन अनेक प्रसिद्ध समाजसेवी श्री जी और आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पधार रहे हैं। आचार्य श्री वर्धमान...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज के चातुर्मास के दौरान नगर में धर्म की वर्षा निरंतर हो रही है। समाजजन इस अवसर का पूर्ण लाभ उठाते हुए प्रतिदिन विविध धार्मिक...
राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी की प्रेरणा से 13 से 23 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए “सुसंस्कारों का शंखनाद” शीर्षक से दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का...
दशलक्षण पर्व में 10 दिनों तक धर्म की आराधना धर्म की पाठशाला अध्यात्म महापर्व में आपने क्या सीखा है? उत्तम क्षमा, मार्दव आर्जव, शौचधर्म से क्रोध, मान, माया और...
दसलक्षण धर्म में पहले दिन से चार कषायों का त्याग करने की शिक्षाऔर उपदेश दिए गए। शास्त्रों और पूजन में उल्लेख है कि दान चार प्रकार का है और चार संघ को दीजिए। यह...








