शास्त्र गुरु हमारे आराध्य हैं ,उनकी अर्चना, पूजा ,भक्ति करना चाहिए। जिनवाणी के सामने चार पुंज चढ़ाते हैं। यह भक्ति ह्रदय में हमेशा बनी रहना चाहिए। यह मंगल देशना...
Tag - आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज
आचार्य श्री वर्धमानसागर जी का अनेक ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान के बाद टोंक नगर से शिवाड़ की ओर 32 साधु सहित शनिवार को विहार किया। प्रातः श्री आदिनाथ जिनालय में...
आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज जी की मूल बाल ब्रह्मचारी पट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने संयमी जीवन का 57 वां वर्षायोग अतिशय...
श्रीमद 1008 श्री पार्श्वनाथ भगवान का 6 दिवसीय पंच कल्याणक घटयात्रा, ध्वजारोहण, मंडप उदघाटन, कलश स्थापना से आचार्य संघ सानिध्य में प्रारंभ हुआ। आचार्यश्री ने इस...
पुरानी टोंक में चतुर्भुज तालाब के पास 1008 श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में राजकीय अतिथि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के सानिध्य में 7 से 12 नवंबर तक...
दिगंबर जैन साधु का संयम उपकरण पिच्छी और कमंडल है। यह जिन मुद्रा एवं करुणा का प्रतीक है। पिच्छी और कमंडल साधु के स्वालंबन के दो हाथ हैं। इनके बिना अहिंसा मय...
नगर में धर्म की गंगा का लाभ सभी नगर वासी ले रहे हैं। सहस्त्र महामंडल विधान के सुंदर विधान की रचना स्थानीय विद्वान पंडित प्रमोद जी और अन्य द्वारा की गई। सौधर्म...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी आदर्श नगर श्री पारसनाथ जिनालय में संघ सहित विराजित हैं। प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान संघ सानिध्य में हो रहे हैं। प्रातःकाल श्री...
पिच्छी के पंख बहुत मुलायम होते हैं। आप सभी अपने जीवन को मृदुतायुक्त बनाएं। संयम व दया का यह उपकरण उन्हीं को लेने और देने का सौभाग्य प्राप्त होता है, जो अपने...
आदर्श नगर टोंक में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने पारसनाथ जिनालय में धर्मसभा में उपदेश दिया। उन्होंने भगवान की प्रतिमा को दर्पण के समान बताते हुए आत्मा की...








