Tag - shreephal jain news

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जीवन में नम्रता और मधुरता क्षमावाणी में निहित: आचार्यश्री निर्भय सागरली ने बताई क्षमा धर्म की श्रेष्ठता

आचार्यश्री निर्भयसागर जी महाराज ने कहा कि क्षमा धारण यदि व्यक्ति अपने जीवन में कर ले तो महानता को प्राप्त तो करता ही है। साथ ही परिणानों में निर्मलता आती है।...

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10 उपवास पर अनिल रजनी कोठिया को दी शुभकामनाएं: फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज ने की तप की अनुमोदना

शिक्षक दंपति अनिल कोठिया एवं रजनी कोठिया को फेडरेशन ऑफ हूमड़ जैन समाज द्वारा पर्यूषण पर्व में दस उपवास व्रत पूर्ण करने पर उनके पारणे के अवसर पर अनुमोदना कर...

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प्रसंगवश क्षमापर्व विशेष, बंधनों से मुक्ति की चाबी-जैन क्षमा परंपरा : संबंधों का पुनर्निर्माण-क्षमा पर्व का सामाजिक आयाम

 जैन धर्म की गहरी और संवेदनशील परंपरा हमें इन्हीं बोझों से मुक्ति का मार्ग दिखाती है-क्षमा पर्व के रूप में, जो केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और...

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लघु सिद्ध चक्र महामंडल विधान कर दसलक्षण पर्व का समापन: आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज सानिध्य में तप आराधना हुई, निकाली शोभायात्रा  

आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज सानिध्य में 10 लक्षण पर्व भक्ति भाव से संपन्न हुए। शनिवार की बेला में 10 लक्षण पर्व का अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य के रूप में...

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जबरी बाग नसिया जी में तपस्वियों का किया बहुमान: चल समारोह में उमड़े सकल जैन समाज के श्रद्धालुजन 

श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर जबरी बाग़ नसिया जी में पर्युषण महापर्व के अंतिम दिन भगवान वासु पूज्य स्वामी का मोक्ष कल्याणक महा महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -167 संगति हमेशा सोच-समझ कर करें: मूर्ख की सलाह मानकर निर्णय लेना वैसा ही है जैसे अमृत को विष समझ लेना

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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धार्मिक समारोह के दौरान लाल किला परिसर से 1 करोड़ का कलश चोरी : कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष भी थे मौजूद

राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं। लाल किला परिसर में आयोजित जैन धार्मिक समारोह के दौरान मंच से एक बेशकीमती कलश चोरी हो गया। इस...

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न तेरा न मेरा जग चिड़िया रैन बसेरा सुबह शाम का डेरा’ : मुनिश्री प्रमाण सागर ने आकिंचन्य धर्म का महत्व समझाया 

 जिस धन को जिस संपत्ति को तुमने अपना मान रखा है। वह धन संपत्ति भी कब चली जाएगी पता नहीं। प्रकृति कब तुम्हारे साथ कौनसा खेल खेल दे पता नहीं। जब यह सब छूट जाने...

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उत्तम आंकिचन्य धर्म पर जिनालयों में हुई पूजा-अर्चना: कोकिला सेठ की 16 उपवास की साधना जारी

नगर के जिनालयों में शुक्रवार को पर्यूषण पर्व का नौवा दिन उत्तम आंकिचन धर्म के रूप मे मनाया गया। समाज के प्रतिष्ठाचार्य पंडित विनोद पगारिया ने बताया कि नगर...

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एकत्व में शांति ही जीवन में कल्याणकारी: आचार्यश्री निर्भय सागरजी ने कहा-आकिंचन्य धर्म ही शाश्वत शरण है

 पयुर्षण पर्व पर श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटा मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री निर्भय सागरजी महाराज ने कहा कि आकिंचन्य धर्म आत्मा की उस दशा...

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