आर्यिका 105 प्रतिभा मति माताजी ससंघ मंगल प्रवेश नगर में हुआ। इस अवसर पर महिला मंडल ने उनकी अगवानी की। मंदिर जी में विविध धार्मिक कार्यक्रम और प्रवचन हुए। सनावद...
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नगर में चतुर्मास निष्ठापन के अवसर पर भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। सन्मति काका ने बताया कि गणिनी आर्यिका सरस्वती माताजी ससंघ का सनावद में चतुर्मास के...
संयम का पाठ सिखाने वाला पिच्छी परिवर्तन समारोह आज नगर में आयोजित किया गया। यह समारोह विशेष रूप से दिगंबर साधुों के द्वारा वर्षा ऋतु में एक स्थान पर आत्म साधना...
नगर में चातुर्मासरत आर्यिका सरस्वती माता जी के सानिध्य में अष्टाह्निका महापर्व में आयोजित 8 दिवसीय नंदीश्वर द्वीप मंडल विधान का समापन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति...
नगर में विराजमान आर्यिका सरस्वती माताजी की संगस्ता आर्यिका अनंत मति माताजी का 24वां आर्यिका दीक्षा दिवस सभी समाजजनों ने बड़े भक्तिभाव से मनाया। सन्मति जैन...
पयुर्षण महापर्व यानी दशलक्षण पर्व का जैन धर्म में बहुत महत्व माना गया है। जैन धर्म में पर्युषण पर्व को आत्म जागृति और शुद्धि का पर्व कहा गया है। यह सभी पर्वों...
किंचन्य आत्मा की उस दशा का नाम है जहां पर बाहरी तो सब कुछ छूट जाता है किंतु आंतरिक संकल्प विकल्प भी शांत हो जाते हैं। चतुर्मास रत आर्यिका सरस्वती माताजी ने...
उत्तम तप पर प्रकाश डालते हुए आर्यिका सरस्वती माताजी ने बताया कि तपस्या से हम इच्छाओं को खत्म करें तो कर्मों का क्षय होकर उनकी निर्जरा होगी। पढ़िए सन्मति जैन...
नगर में विराजमान आर्यिका सरस्वती माताजी के निर्देशन में बड़ी भक्ति भाव से मनाए जा रहे पर्युषण पर्व के छठे दिन प्रातः बड़े मंदिर जी एवं संत निलय में पंचामृत...
शौच अर्थात ‘शुचिता’। आत्मा के परिणामों अर्थात विचारों तथा अभिप्राय में शुचिता होना शौच है। वह शुचिता जब सम्यग्दर्शन अर्थात आत्मा के श्रद्धान के साथ होती है, तब...








