झुमरीतिलैया। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री 108 सुयस सागर जी ससंघ का भव्य मंगल प्रवेश 26 जुलाई को धर्म नगरी झुमरीतिलैया में हो रहा है। मुनिश्री राउरकेला उड़ीसा से मंगल विहार करते हुए लगभग 25 दिनों में 800 किमी पैदल चलकर झुमरीतिलैया के मुख्य प्रवेश द्वार गोमों जिमखाना में 25 जुलाई को हुआ। जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे। जिमखाना में ही गुरुदेव का बहु चर्चित कार्यक्रम णमोकार चालीसा होगा। इस कार्यक्रम में झुमरी तिलैया से सैकड़ो गुरु भक्त शामिल होकर धर्म लाभ लेंगे। साथ ही 26 जुलाई को सुबह 5 बजे मंगल विहार कर 7 बजे धर्म नगरी में मंगल प्रवेश होगा।
अगवानी की है भव्य तैयारी
शहर में कई तोरण द्वार पर जैनेतर समाज, अग्रवाल समाज, माहेश्वरी समाज, मारवाड़ी समाज, पंजाबी समाज, माहुरी समाज, मारवाड़ी युवा मंच, रोटरी क्लब द्वारा मुनिश्री की अगवानी की जाएगी। इस अवसर पर भव्य पाद प्रक्षालन पूरा नगर करेगा। डॉक्टर गली में रंगोली बनाई जाएगी और रैंप पर गुरु चरण का प्रक्षालन होगा। मंदिर के बगल में भव्य पंडाल बनाया गया है, जहां पर मंगल उदबोधन होगा। रास्ते में मिलट्री गाड़ी अनेक प्रकार गाजे बाजे तथा छोटे छोटे बच्चों के साथ समाज के सैकड़ो लोग साथ चलेंगे।
अगवानी देखने दूसरे शहरों से भी आ रहे भक्त
शहर के मुख्य द्वार पर समाज के जैन समाज के पदाधिकारीगण, जैन महिला समाज के पदाधिकारी, विरागोदय वर्षायोग 2026 के मार्ग निर्देशक, सभी संयोजक, उप संयोजकगण, जैन युवक समिति के सभी सदस्य गण पाद प्रक्षालन और मंगल दीप जलाकर गुरुदेव की अगवानी करेंगे। शहर में नगर भ्रमण कर बड़े मंदिर पहुंचेंगे। रास्ते में सैकड़ों लोगों द्वारा चरणों का प्रक्षालन किया जाएगा। जो यह एक अद्भुत दृश्य होगा। इस दृश्य को देखने के लिए बाहर शहरों से भी भक्तगण पधार रहे हैं। यह प्रवेश झुमरी तिलैया में एक नया इतिहास लिखेगा।













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