धर्म की रक्षा करना, उसके सिद्धांतों और संयम के मार्ग पर चलने वालों का सहयोग करना ही सच्चा धर्म है। धर्म किसी जड़ वस्तु का नाम नहीं, बल्कि चेतना का स्वरूप है।...
धर्म की रक्षा करना, उसके सिद्धांतों और संयम के मार्ग पर चलने वालों का सहयोग करना ही सच्चा धर्म है। धर्म किसी जड़ वस्तु का नाम नहीं, बल्कि चेतना का स्वरूप है।...
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