Tag - Lalitpur

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पर्यूषण पर्व में गौ उपचार एवं पशु चिकित्सालय के लिए संकल्पित हुए श्रेष्ठीजन : त्याग ही जीवन में मुक्ति का द्वार, जिससे ही मिलती आत्मशान्ति- मुनि श्री अविचल सागर महाराज 

पर्युषण पर्व पर अभिनंदनोदय तीर्थक्षेत्र में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए मुनिश्री अविचल सागर महाराज ने कहा कि त्याग के माध्यम से जीवन में आत्मशान्ति मिलती है।...

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उत्तम त्याग कहो जग सारा, औषध,शास्त्र अभय आहारा : त्याग से ही व्यक्ति बनता है महान -मुनिश्री अक्षय सागर 

      त्याग की भावना जैन धर्म में सबसे अधिक है क्योंकि जैन संत सिर्फ घर,द्वार ही नहीं यहां तक कि अपने कपडों का भी त्याग कर देते हैं और सम्पूर्ण जीवनभर दिगंबर...

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जैन मंदिरों में गूजे जयकारे, प्रभावना पूर्वक हो रहे धार्मिक आयोजन : इन्द्रियों पर विजय ही सबसे बड़ी तपस्या – अविचल सागर महाराज

तपने से जैसे अशुद्ध वस्तु शुद्ध होती है, उसी तरह अपनी आत्मा को तप के माध्यम से जब तपाते हैं तो जीवन में निखार एवं परिणामों में निर्मलता आती है। उक्त विचार मुनि...

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सुगंध दशमी का पर्व मनाया : आत्मा की विशुद्धि का पर्व है दशलक्षण महापर्व – आर्यिका रत्न धारणामति

दशलक्षण पर्व के छठे दिन उत्तम संयम धर्म मनाया गया, धूप दशमी का भी अनुष्ठान हुआ। प्रातःकालीन बेला में भगवान का अभिषेक व शांतिधारा की गई, इस मौके पर धर्म सभा को...

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सुगंध दशमी पर श्रावकों ने जैन मंदिरों में की धूप विसर्जित : संयम की आराधना ही जीवन की श्रेष्ठ साधना – अविचल सागर

संयमी व्यक्ति का जीवन संयत और निर्मल बताते हुए मुनि अविचल सागर महाराज ने कहा जिनको हम मन से निषिद्ध कर देते हैं और मन पर हावी नहीं होने देते संयम की प्रथम...

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जैन मंदिरों में धार्मिक प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों का उत्साहपूर्वक प्रदर्शन : सत्य पर सारे तप निर्भर हैं, इससे ही पवित्र होती है वाणी – मुनि श्री अविचल सागर महाराज

सत्य ही जीवन का यथार्थ है जिस पल तुम अपने इस सत्य को जान लोगे तो तुम्हारा सारा भय समाप्त हो जाएगा। सत्य को जानते हुए भी असत्य में जीते हैं यदि जीते जी तुमने...

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पर्युषण पर्व पर जैन मंदिरों में श्रावकों द्वारा पूजन भक्ति प्रभु की आराधना : क्रोध पर जीवन में नियंत्रण जरूरी – मुनि अविचल सागर 

 अभिनंदनोदय तीर्थ में मुनि अविचल सागर महाराज ने कहा कि क्रोध पर जीवन में नियंत्रण होना चाहिए। परिस्थितियों पर विचार कर क्रोध को टालते हुए यदि जीवन में सहनशीलता...

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धर्मसभा में दिए प्रवचन : स्वाश्रित जीवन आत्मा को जानने से ही शुरू होता है- बाल ब्र. सुमतप्रकाश जी

स्वाश्रित जीवन आत्मा को जानने से ही शुरू होता है। यह उद्गार बाल ब्र. श्री सुमतप्रकाश जी खनियाधाना ने अपने प्रवचन में ललितपुर रोड स्थित श्री दि. जैन महावीर पंच...

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ट्रस्ट कमेटी की बैठक आयोजित : देवेन्द्र जैन (झंडा) एवं डॉ सुनील संचय बने ट्रस्टी

परम पूज्य गणेश प्रसाद वर्णी जी की प्रेरणा से स्थापित शताधिक वर्ष से संचालित श्री महावीर दिगम्बर जैन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय साढूमल जनपद ललितपुर उत्तर प्रदेश...

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जैन समाज ने की मंगल अगवानी : आर्यिका संघ का नगर में मंगल प्रवेश 

आध्यात्म जगत के सूर्य आचार्य भगवन विद्यासागर जी महाराज एवं आचार्य श्री समयसागर की परम शिष्या आर्यिका रत्न गुरुमति माताजी एवं दृणमति माता की संघस्थ आर्यिका...

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