श्री दिगम्बर जैन पार्श्वनाथ बड़ा मन्दिर जी में सिद्ध चक्र मंडल विधान रचाया गया, जिसमें सभी समाजजनों ने अपनी सहभागिता दर्ज की। अष्टानिका पर्व के अंतर्गत प्रतिदिन...
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जैन तीर्थ भाववन्दना टिकटोली एक हजार साल पुरानी अतिशयकारी प्रतिमाएं मौजूद हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोगों को पता है। पढ़िए राजीव सिंघई और सुलभ जैन का यह...
श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, शालीमार एनक्लेव, कमला नगर आगरा में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ का समापन हवन के साथ हुआ। पढ़िए...
सिद्धवरकूट में सात और आठ मार्च को आध्यात्मिक रंगों की होली मनाई जाएगी। इस अवसर श्रद्धालुओं द्वारा क्षेत्र पर विमानोत्सव एवं घटयात्रा निकाली जाएगी। पढ़िए सन्मति...
आदिपुराण में कहा गया है कि ‘कन्या रत्नात् परं नान्दय’ अर्थात् कन्यारत्न से बढ़कर कोई रत्न नहीं है। नारी की महत्ता उसके नारीत्व गुणों से है। श्रेष्ठ महापुरुषों...
धर्म के सिद्धांतों, सद् गुणों, स्वभावों तथा स्वकर्तव्यों का पालन करने से जीवन सदा विकसित होगा। जैन धर्म में महिलाओं को शिक्षित, संस्कारित करने पर सबसे ज्यादा...
एक योगी के राग में दूसरे योगियों को मत भूल जाना और जिनशासन कहता है, जिनागम कहता है कि राग अच्छा होता नहीं है। ज्ञानी ! राग तो आग है, इसका काम जलाना है। पढ़िए...
पारसनाथ श्री सम्मेद शिखरजी आस्था का तीर्थ क्षेत्र है जिसके साथ आदिवासी समुदाय और जैन समुदाय की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। श्री सम्मेद शिखर जी का महत्व जितना जैन...
दुर्योधन शकुनि से सलाह लेता था और अर्जुन श्रीकृष्ण से। आपके सहयोगी कौन हैं यह भी बड़ा महत्वपूर्ण है क्योंकि राम के भाई लक्ष्मण ने सहयोग दिया तो राम को विजयश्री...
जैन धर्म में श्रावक षट आवश्यक कहे हैं । इसके अनुयायियों को छह आवश्यक नियमों का पालन बताया गया है । देव पूजा, गुरु उपासना, संयम, तप और दान । इन षट आवश्यकों में...








