द्रोणगिरी के जैन विद्वान अंशुल जैन शास्त्री ने अपने प्रेरक संदेश में कहा कि पद, प्रतिष्ठा और अधिकार से नहीं, बल्कि चरित्र, विनम्रता और श्रेष्ठ कर्मों से मनुष्य...
Tag - Character
आचार्य विशुद्धसागरजी के शिष्य मुनिश्री सारस्वत सागर जी, मुनिश्री जयंत सागर जी, मुनिश्री सिद्ध सागर जी और क्षुल्लक श्री श्रुतसागरजी अब नांद्रे में विराजित है।...








