आकाश की अनंतता, पर्वतों की निस्तब्धता, नदियों की कलध्वनि, वृक्षों की हरित छाया और वायु की जीवनदायिनी स्पर्श-स्मृति ने उसके भीतर यह अनुभूति अवश्य जगाई होगी कि...
आकाश की अनंतता, पर्वतों की निस्तब्धता, नदियों की कलध्वनि, वृक्षों की हरित छाया और वायु की जीवनदायिनी स्पर्श-स्मृति ने उसके भीतर यह अनुभूति अवश्य जगाई होगी कि...
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