संत अपनी इच्छा से शरीर छोड़ते हैं, क्योंकि वे शरीर के बंधन से मुक्त होते हैं । यह उदगार मुनि श्री संभव सागरजी महाराज ने भगवती आराधना ग्रंथ का स्वाध्याय कराते...
Tag - स्वाध्याय
श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के तहत तिलक नगर से दिग्विजय यात्रा निकाली गई। इसमें दिगंबर समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। यात्रा में बैंडबाजों...
आचार्यश्री विनम्रसागर जी महाराज ससंघ के सान्निध्य में आठ दिवसीय श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान की शुरूआत हुई। तिलकनगर जैन मंदिर परिसर में महोत्सव को लेकर...
आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ने श्री आदिनाथ जिनालय नसिया में शांतिनाथ विधान के पूजन के समय मंगल देशना में कहा कि आज श्री आदिनाथ जिनालय में आप श्री...
मुनि श्री सिद्धसागर जी महाराज का दूसरा दीक्षा दिवस नांद्रे में श्रद्धा भक्ति से मनाया जाएगा। आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी से भिंड में 15 अगस्त 2019 को मात्र 17...
आज अनेक श्रावकों और युवाओं ने श्री जी के अभिषेक के साथ पूजन करने का नियम लिया है। 55 वर्ष पूर्व दीक्षा गुरु आचार्य श्री धर्मसागर जी के सन 1970 चातुर्मास में...
शनिवार सुबह आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज ने ज्ञान के विषय में प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ज्ञान सुख को देता है और सुख का परिहार करता है। यह पूरे जीवन का...
एक दिन का साधु जीवन पुण्यदायक तप के समान है। एक का साधु जीवन व्यतीत कर गृहस्थ श्रावकों को तप साधना से रूबरू होने का अवसर प्रदान करती है गोचरी दया। यह विचार...
श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे दशलक्षण महापर्व के सातवें दिन बुधवार को उत्तम तप धर्म पर प्रवचन देते हुए मुनि श्री गुरुदत्त सागरजी ने कहा कि तप का...
ललितपुर में पर्युषण पर्व के दौरान आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ने धर्मसभा में कहा कि तप आत्मा को निर्मल बनाता है और इन्द्रियों पर विजय ही सबसे बड़ी साधना है।...








