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झांकियों में साकार किए जैन धर्म के सिद्धांत: सिद्धचक्र महामंडल विधान के तहत दिग्विजय यात्रा में उमड़ा सकल समाज 


श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के तहत तिलक नगर से दिग्विजय यात्रा निकाली गई। इसमें दिगंबर समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। यात्रा में बैंडबाजों के साथ भक्ति संगीत और आकर्षक झांकियां शामिल थी। इसमें जैन धर्म के सिद्धांतों का सजीव चित्रण किया गया। इंदौर से पढ़िए, यह साभार संकलित और संशोधित खबर…


इंदौर। श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान के तहत तिलक नगर से दिग्विजय यात्रा निकाली गई। इसमें दिगंबर समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। यात्रा में बैंडबाजों के साथ भक्ति संगीत और आकर्षक झांकियां शामिल थी। इसमें जैन धर्म के सिद्धांतों का सजीव चित्रण किया गया। सुबह विधान की शुरूआत वंदना से हुई। इस अवसर पर अभिषेक-अर्घ्य, स्वाध्याय, पूजन और कलश की स्थापना की गई। शाम को आरती और ध्यान सत्र का आयोजन हुआ। आयोजन समिति के अध्यक्ष राहुल जैन केसरी ने बताया कि चक्रवर्ती वीरेंद्रकुमार, विनोद जैन परिवार और सौधर्म इंद्र रमेश आरोन का स्वागत किया गया। इस अवसर पर विधान संरक्षक राजेश उदावत, विमल अजमेरा, सचिन उद्योगपति, मयंक जैन, विधानाचार्य राजेश भैया, जिनेश मलैया और मनोज छाबड़ा सहित कई समाज जन मौजूद रहे।

भगवान महावीर के उपदेशों का नाट्य रूपांतरण किया 

दिग्विजय यात्रा में महिलाएं कलश लेकर चल रही थीं। बच्चों और युवाओं ने पुष्पवृष्टि से यात्रा का स्वागत किया। रथ के साथ निकी जैन धर्म के सि़द्धांतों पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। कलाकारों ने भगवान महावीर के उपदेशों पर आधारित नाटक का मंचन किया। कार्यक्रम का संचालन दिगंबर जैन मंदिर तिलकनगर धार्मिक एवं पारमार्थिक न्यास समिति ने किया।

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