Tag - भिंड

समाचार

आचार्य श्री विनिश्चयसागर महाराज की धर्मसभा : बिना शुद्ध भावो के सुख की चाह व्यर्थ है

प्रत्येक मनुष्य के मन में एक प्रश्न रहता है कि भगवान से कुछ मांगना चाहिए या नहीं मांगना चाहिए। इस संबंध में जिनागम तो सीधा सा उत्तर देता है कि क्या सूर्य से...

समाचार

मेधावी छात्र- छात्राओं का हुआ सम्मान : जैन मिलन ने ली सत्य एवं निष्ठा से कार्य करने की शपथ

जैन मिलन शाखा जौरा का शपथ ग्रहण समारोह हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। समारोह के मध्य मेधावी बच्चों को सम्मानित भी किया गया। जैन मिलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश...

समाचार

चंदप्रभु भगवान का हुआ महामस्तकाभिषेक : आचार्य विनिश्चयसागर का मिला सान्निध्य

जैन धर्म के तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु का महामस्तकाभिषेक कार्यक्रम आचार्यश्री के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। वाक्केशरी आचार्य श्री विनिश्चयसागर महाराजा ससंघ का...

समाचार

चातुर्मासिक धर्मसभा में दिए प्रवचन : दूसरों की पीड़ा पर आंसू बहें तो वे मोती हैं-सुधा सागर महाराज

श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के आचार्य शांतिसागर सभागार में मुनिपुगंव श्री सुधा सागर जी महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि कषाय करना, क्रोध किसके...

समाचार

मुनिश्री प्रतीकसागर ने श्रावकों को संगठित होने का दिया आदेश : दिगम्बर संत जन-जन की आस्था के केंद्र होते हैं -आचार्य विनिश्चयसागर

शास्त्रों में भी अनेकों उदाहरण मिलते हैं कि समय-समय पर अन्य संप्रदाय के लोगों ने भी दिगम्बर साधुओं की सुरक्षा की है। आज भारत जैसे धर्म निरपेक्ष देश में एक...

समाचार

जैनाचार्य श्री विनिश्चयसागर महाराज ने धर्मसभा को किया संबोधित : बिना योजना के जीवन सुखी नहीं हो सकता

किसी भी कार्य को सफलता पूर्वक संचालन के लिए योजना बनाई जाती है । बिना योजना बनाए किसी भी कार्य को करना सफलता की गारंटी नहीं हैं । कहने का तात्पर्य यह हैं कि...

समाचार

बिना बोली लगाए गुरु भक्तों ने की मंगल कलश स्थापना : कलश साधु और श्रावक के बीच सेतु का काम करता है – आचार्य विनिश्चयसागर

चातुर्मास में कलश वह माध्यम है, जिससे श्रावक अपने आपको चातुर्मास से जुड़ा हुआ महसूस करता है। यह विचार आचार्य श्रीविनिश्चयसागर जी महाराज ने चातुर्मास कलश...

समाचार

धर्मसभा को संबोधित कर व्यक्त किए उदगार : सोचो नहीं, सोच बदलो तो बदलेगा जीवन – आचार्य विनिश्चयसागर

जो आज तक किया है अब नहीं करेंगे और जो नहीं किया है वो अब करेंगे। ऐसी विचारधारा जब आपकी अंतस चेतना में आयेगी, तब आप कुछ सुखी हो सकते हैं। उक्त उद्बोधन आचार्य...

समाचार

चातुर्मास के दौरान धर्मसभा में प्रवचन : मनुष्य पर्याय चिंतामणि रत्न के समान हैं -आचार्य विनिश्चयसागर

मनुष्य पर्याय से बढ़कर कोई सौभाग्य नहीं हैं, ये सबसे बड़ा सौभाग्य हैं जो आपको प्राप्त हुआ है। आप इसे महसूस करें तभी आप मानव पर्याय की महत्त्वता समझ सकेंगे।...

समाचार

9 जुलाई को होगा मंगल कलश स्थापना समारोह : गुरु पूर्णिमा यानि गुरु ही पूरी मां हैं-आचार्य विनिश्चय सागर

अगर संसारी माताएं भी पूरी मां बनना चाहती हैं तो वह अपने बच्चों के केवल शरीर का ही पालन पोषण न करें बल्कि उनकी आत्मा को भी संस्कार प्रदान करें, अपने बच्चों को...

You cannot copy content of this page