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चातुर्मासिक धर्मसभा में दिए प्रवचन : दूसरों की पीड़ा पर आंसू बहें तो वे मोती हैं-सुधा सागर महाराज


श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के आचार्य शांतिसागर सभागार में मुनिपुगंव श्री सुधा सागर जी महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि कषाय करना, क्रोध किसके लिए है। जब दुश्मन सामने हो तो इतना क्रोध करो कि वह आपसे घबरा जाये। मान कषाय वहां होती है, जहां यह तुम्हारे स्वाभिमान को नष्ट करे, सज्जनता को नष्ट करे, धर्म को नष्ट करे। पढ़िए शुभम जैन की रिपोर्ट…


आगरा। हरीपर्वत स्थित श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर के आचार्य शांतिसागर सभागार में मुनिपुगंव श्री सुधा सागर जी महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि कषाय करना, क्रोध किसके लिए है। जब दुश्मन सामने हो तो इतना क्रोध करो कि वह आपसे घबरा जाये। मान कषाय वहां होती है, जहां यह तुम्हारे स्वाभिमान को नष्ट करे, सज्जनता को नष्ट करे, धर्म को नष्ट करे। मायाचार वहां करो, जहां धर्म बचा सको। मां बगैर मायाचारी के बच्चे का पालन नहीं कर सकती है। लोभ कषाय नहीं होगी तो हम गृहस्थी नहीं बचा पायेंगे, न धर्म कर पायेंगे। जितने पैसे वाले होते हैं, वे लोभी होते हैं। यदि लोभी नहीं तो दान कैसे करेंगे। महाराज जी ने पिता व बेटे के गाड़ी के उदाहरण से समझाया, सज्जन बेटे ने उसको मंदिर, धर्म से जोड़ दिया। सारी दुनिया में कोई भी चीज भगवान को चढ़ने के बाद पवित्र व पूजनीय हो जाती है, उसे ये प्रसाद के रूप में ग्रहण कर सम्मान पूर्वक खाते हैं। जबकि जैनी भगवान को चढ़े हुए द्रव्य को स्पर्श तक नहीं करते। भगवान को चढ़ी हुई वस्तु को हमारे यहां स्पर्श करने से भी स्पष्ट मना किया गया है, निर्माल्य माना गया है। दूसरे के दुःखों को देखकर आंसू बह जाएं तो वह धर्म है, यदि व्यक्ति को स्वयं के दुःखों पर पीड़ा आ जाये तो यह जहर है। दूसरों की पीड़ा पर आंसू बहे तो वह मोती है. शुभ है, मांगलिक है नहीं तो नारियल के छेद है। धर्मसभा का शुभारम्भ हेमलता जैन ने मंगलाचरण के साथ किया।

हुए धार्मिक कार्यक्रम

श्री दिगम्बर जैन धर्म प्रभावना समिति एवं आगरा दिगम्बर जैन परिषद, श्री दिगम्बर जैन शिक्षा समिति द्वारा एवं जयपुर, मुरैना, ग्वालियर, झांसी, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, टूंडला के भक्तों ने श्रीफल भेंट किया। सचिन जैन, राजेन्द्र जैन, ओमप्रकाश जैन, मोहितताज जैन, प्रवीन जैन, पूनम जैन द्वारा चित्रा अनावरण एवं दीप प्रज्वलन किया गया। मुनिश्री के पाद प्रक्षालन करने का सौभाग्य संजय कुमार जैन, माधुरी जैन, रुक्मणी जैन, मीरा जैन परिवार को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर धर्मसभा में मुख्य रूप से प्रदीप जैन पीएनसी, निर्मल जैन मोठ्या, मनोज जैन बाकलीवाल, नीरज जैन जिनवाणी, पन्नालाल बैनाड़ा, जितेन्द्र जैन, हीरालाल बैनाड़ा, जगदीश प्रसाद जैन, दिलीप जैन, राकेश जैन परदे वाले, अनन्त जैन, राकेश सेठी, मीडिया प्रभारी आशीष जैन मोनू, शुभम जैन, राकेश जैन बजाज, अंकित जैन, अनिल जैन रईस, सुभाषचंद जैन, राहुल जैन, अंकुश जैन, अमित जैन, बॉबी, मुकेश जैन, सुनील जैन, रमेशचन्द जैन सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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