Tag - प्रवचन

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किसी की आस्था को ठगना स्वयं को ठगने जैसा : आचार्य श्री विनिश्चय सागर जी ने उपगुहन अंग पर डाला प्रकाश

आचार्य श्री विनिश्चय सागरजी महाराज के नगर में चल रहे पावन वर्षायोग चातुर्मास में धर्म, संस्कृति, संस्कार, कर्म आदि विषयों पर देशना से धर्मानुरागी धन्य-धन्य हो...

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जीवन में सफलता का मूलमंत्र है लक्ष्य के प्रति पूर्ण निष्ठा: मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी की मंगल देशना में एकाग्रता और निष्ठा का समवेत संदेश 

आचार्य विशुद्ध सागरजी महाराज ससंघ का चातुर्मास पथरिया में जारी है। यहां पर विराजित मुनिराजों की नित धर्मसभा में जीवन को सार्थक बनाने वाली सीखों से दिगंबर जैन...

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इस मंदिर की नहीं है कोई नींव : इस मंदिर को महात्माओं ने उतारा था आकाश मार्ग से पृथ्वी पर

जैन अतिशय क्षेत्र जैन धर्म के अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल हैं। इन क्षेत्रों में जैन धर्म के भगवान महावीर और उनके पूर्वकल्याणकारक जिनेन्द्र देव के आध्यात्मिक...

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700 मुनिराजों का पूजन संपन्न : वात्सल्य पूर्णिमा धर्म, धर्मात्मा और जिनालय की रक्षा का संदेश देती है- आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

पंचम पट्टाचार्य, वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित टोंक में विराजमान हैं। उनके सानिध्य में अकंपनाचार्य एवं विष्णु मुनिराज सहित 700 मुनिराजों...

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दुःख जीवन में मात्र ‘मै’ और मेरे पन में है : मुनिश्री जयंत सागर जी ने दुःख के निवारण के उपाय बताए

स्थानीय भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में गुरुवार को मुनिश्री जयंतसागर जी महाराज के प्रवचन हुए। इसमें मुनिश्री ने कर्मों की निर्जरा पर जोर दिया। वर्षायोग...

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ज़िंदगी में सफलता पाने का सबसे बड़ा मंत्र है कोशिश: मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी ने भक्तों को प्रयास का महत्व बताया 

पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज ससंघ का चातुर्मास पथरिया में चल रहा है। यहां पर प्रतिदिन मुनिराजों के प्रवचन से माहौल धर्ममय हो रहा है। समाज के धर्मानुरागी...

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दोहों का रहस्य -163 सच बोलो चाहे वो कड़वा ही क्यों न हो : धर्म का मूल आधार प्रेम और सत्य है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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प्रीति की कमी से ही आती है जीवन में उदासी : मुनि श्री सारस्वत सागर जी ने प्रवचन में दी देशना से गदगद समाजजन

मुनि श्री सारस्वत सागरजी महाराज ने प्रवचन में कहा कि हर एक व्यक्ति सुख की कामना को लेकर नाना प्रकार के काम कर रहा है,परंतु जो कर्म वह करता है, वह कर्म भी कभी...

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मुनिश्री सिद्ध सागर जी ने कहा- त्याग से मुक्ति मिलती है: नांद्रे में मुनिराजों की मधुर वाणी से आध्यात्मिक चेतना निखर रही 

स्थानीय भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में इन दिनों मुनिराजों के चातुर्मास से माहौल धर्ममय बना हुआ है। यहां पर रोजाना मुनियों की अमृतवाणी से सकल समाजजन और...

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -162 सच्ची सफलता तभी मिलती है, जब वाणी और कर्म एक समान हों : ईश्वर को पाने के लिए बाहरी तामझाम की आवश्यकता नहीं है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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