Tag - प्रवचन

दोहों का रहस्य समाचार

दोहों का रहस्य -159 विवेकशील, विनम्र और आत्मानुशासित लोग समाज को चाहिए : अहंकारजन्य ज्ञान व्यक्ति को कहीं का नहीं छोड़ता

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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मन शांत होगा तो इंद्रियां अपने आप शांत रहेंगी: मुनिश्री सिद्ध सागर जी ने मन को चंचल और तीव्र धावक बताया 

नांद्रे। आचार्यश्री विशुद्धसागर जी महाराज के शिष्य मुनिराजों का चातुर्मास नांद्रे के भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में जारी है। यहां पर उनके प्रवचन रोज हो रहे...

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दोहों का रहस्य -158 कभी किसी को कमतर न आंके : पहले स्वयं को जानो, फिर दूसरों को समझाओ

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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गुरु के प्रति होना चाहिए समर्पण का भाव : मुनिश्री सारस्वत सागर जी के प्रवचन में गुरु शिष्य संबंधों का बखान 

भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में नित्य मुनिराजों के प्रवचनों ने अलग-अलग विषयों पर धर्म देशना प्रदान की जा रही है। बुधवार को भी यहां मुनिश्री सारस्वतसागर जी के...

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संसार में सबसे मूल्यवान चीज़ है विश्वास: मुनिश्री सर्वार्थ सागर जी महाराज ने बताई विश्वास की परिभाषा 

नगर में आचार्य विशुद्धसागर जी महाराज ससंघ विराजित हैं। यहां उनका चातुर्मास चल रहा है। इस दौरान यहां के मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ नित्य मुनिश्री के प्रवचन भी...

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त्याग, तप और तपस्या की प्रेरणास्रोत हैं आर्यिका पूर्णमति माताजी : जिनवाणी के स्वर में बहती है आत्मा की पुकार

आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी का जीवन जैन समाज ही नहीं, सम्पूर्ण भारतीय सांस्कृतिक परंपरा के लिए आदर्श है। वे बताती हैं कि धर्म केवल व्रत और विधान का नाम नहीं...

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घर में मुखिया भी अवश्य होना चाहिए: मुनिश्री सारस्वत सागर जी के प्रवचनों का सार है मुखिया मुख सो चाहिए 

भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर में मुनिराजों का चातुर्मास जारी है। यहां पर मुनियों के प्रवचनों से स्थानीय दिगंबर जैन समाज के लोग भक्ति भाव से जुड़ रहे हैं।...

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दोहों का रहस्य -157 जहां लोभ हो, वहां ईश्वर नहीं बसता : लोभ और भक्ति एक साथ नहीं टिक सकते

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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आत्मा का स्वरूप बताया मुनि सिद्ध सागर जी ने : हमें मोक्ष पुरुषार्थ करते रहना चाहिए

मुनि श्री सिद्ध सागर महाराज जी ने नांद्रे में अपने प्रवचन में कहा कि एक बार एक व्यक्ति दिगंबर मुनि के पास जाकर पूछता है कि आप इतनी कठिन तपस्या क्यों करते हो...

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दोहों का रहस्य -156 सच्चा साधक वही है जो अपने अस्तित्व को प्रभु के चरणों में पूर्णतः समर्पित कर दे : निष्काम भक्ति मनुष्य को सच्चे सुख की ओर ले जाती है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

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