Tag - धर्मसभा

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श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर: गुदड़ी मसूर खां आचार्यश्री सौरभ सागर जी महाराज का हुआ का भव्य मंगल प्रवेश

संस्कार प्रणेता आचार्य श्री सौरभसागर जी महाराज ससंघ का मोती कटरा स्थित श्री संभवनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से मंगल विहार करते हुए श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर...

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प्रभात नगर में हुई धर्मसभा : जिनागम है जीवन का दर्पण – आचार्य श्री वर्धमान सागर

 जिनवाणी का पालन करना हमारा कर्तव्य है। जिनागम जीवन का दर्पण है। दर्पण को देखकर शरीर का श्रृंगार कर बाहर जाते हो, जबकि जिनागम रूपी दर्पण से आत्मा का स्वरूप पता...

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धर्मसभा का हुआ आयोजन :  अगर परहेज ठीक रखोगे तो ही दवा लगेगी- मुनि श्री अनुपमसागर

कमला नगर स्थित डी ब्लॉक के श्री 1008 महावीर दिगंबर जैन मंदिर में विराजित गणाचार्य श्री विरागसागर जी महाराज के शिष्य उपाध्याय श्री विशोक सागर जी महाराज ससंघ व...

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अशोकनगर में हुई धर्मसभा : जिनेन्द्र प्रभु के दर्शन से पुण्य का आश्रव होकर कर्मों की निर्जरा क्षय होता है- आचार्य श्री वर्धमान सागर

सभी को जिनेंद्र प्रभु का दर्शन करना चाहिए। जिनेंद्र प्रभु के दर्शन श्रद्धा और विनय के साथ करना चाहिए। यह मंगल प्रवचन अशोक नगर की धर्म सभा में आचार्य शिरोमणि...

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स्वस्तिभूषण माता जी ससंघ का आर्यिका मां श्री विश्रेय श्री माताजी से मंगल मिलन :  धर्म के कार्य सभी को कष्टदायी लगते हैं-माताजी

स्वस्तिधाम, जहाजपुर प्रणेत्री परम् विदुषी लेखिका गणिनी आर्यिका 105 श्री स्वस्तिभूषण माता जी ससंघ का सोमवार सुबह 7 बजे श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर डबरा में...

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दीक्षा से पहले भरी गई उर्वशी दीदी की गोद : अहिंसा, सत्य,अचौर्य, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह से आत्मिक सेहत ठीक होती है- आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

लोग सेहत की रक्षा के लिए योग क्लास, डॉक्टर, जिम का सहारा लेते हैं। शरीर की सेहत को संभाल रहे हैं, किंतु आत्मा की सेहत की ओर कोई ध्यान नहीं देता। यह मंगल देशना...

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श्रुत पंचमी को जैन मंदिरों में की जाएगी जिनवाणी की सामूहिक पूजा: महापर्व घर-घर में भक्तिभाव से मनाया जाएगा 

श्रुत पंचमी महापर्व पर 24 मई को जैन मंदिरों में मां जिनवाणी की पूजा अर्चना की जाएगी। जिनवाणी सुरक्षा संयोजिका सरिता जैन एवं कल्पना जैन ने बताया कि 24 मई को...

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श्री शांतिनाथ दिगंबर कांच मंदिर में आचार्यश्री का मंगल पदार्पण: ह्रदय के शोक दुःख को रत्नत्रय धर्म, संयम तप से दूर करें – आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

संसार का प्राणी लौकिक लक्ष्मी प्राप्त करने के लिए दुखी है। जबकि केवल ज्ञान रूपी लक्ष्मी उसके हृदय में है, अशोक का शाब्दिक अर्थ देखें तो शोक रहित को अशोक कहते...

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साइंस ऑफ लिविंग सत्र में प्रवचन : हम सभी का हित भगवान की भक्ति में ही है – मुनि श्री निरंजन सागरजी

साइंस ऑफ लिविंग में मुनि श्री निरंजन सागर जी महाराज ने कहा कि जिसके जीवन में आगम है, उसके जीवन में दुःख नहीं रह सकता। आ+गम अर्थात् दुःख से आराम ही आगम है।...

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पार्श्वनाथ मंदिर में एक साथ विराजित होंगे 170 जिन बिंब : जीवन में धर्म, समाज, जीव दया और मानव सेवा के लिए दें दान- आदित्य सागर जी महाराज

विद्या पैलेस स्थित पार्श्वनाथ मंदिर शहर का एकमात्र ऐसा जैन मंदिर होगा, जिसकी एक वेदी पर तीर्थंकर अजीतनाथ भगवान के शासन काल के 170 जिन बिंब विराजमान होंगे जो...

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