Tag - धर्मसभा

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चातुर्मासिक धर्मसभा में उपाध्याय श्री विहसंतसागर ने दिए प्रवचन : कर्नाटक में जैन मुनि की हत्या के विरोध में जुलूस निकालकर दिया ज्ञापन

सरे काल में 14 कुलकर, 10 कल्पवृक्ष होते हैं और प्रथम के तीन काल भोगभूमि के काल होते हैं। जो भी इस चतुर्थ व पंचम काल में आश्चर्यजनक घटना हुई है, वह सब होंण्डा...

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आर्यिकारत्न विज्ञानमति माताजी ने धर्मसभा को किया संबोधित : वर्षा काल में, हम अत्यधिक सावधानी रखें ताकि हम हिंसा पाप से बच सकें

आर्यिकारत्न विज्ञानमति माताजी ने धर्मसभा में श्रावकजन को संबोधित करते हुए कहा कि समरंभ, समारंभ, आरम्भ हिंसादि से युक्त कोई भी कार्य करने के लिए प्रयत्नशील...

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जैनाचार्य श्री विनिश्चयसागर महाराज ने धर्मसभा को किया संबोधित : बिना योजना के जीवन सुखी नहीं हो सकता

किसी भी कार्य को सफलता पूर्वक संचालन के लिए योजना बनाई जाती है । बिना योजना बनाए किसी भी कार्य को करना सफलता की गारंटी नहीं हैं । कहने का तात्पर्य यह हैं कि...

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चातुर्मासिक प्रवचन में बह रही ज्ञान की गंगा : आत्मा की आलोचना करके आप शत प्रतिशत पापों की निर्जरा कर सकते हैं -विज्ञानमति माताजी

उदयनगर में चातुर्मासिक प्रवचन के माध्यम से धर्म और ज्ञान की गंगा बहा रहीं वंदनीय आर्यिका विज्ञानमति माताजी ने धर्म सभा में उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए...

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भक्तामर शिविर में आचार्य श्री ने कहा कि भक्ति का स्त्रोत भक्तामर : प्रभु भक्ति में ही आनंद की अनुभूति- विनम्र सागर

श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटामंदिर में उच्चारणाचार्य विनम्रसागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि सबसे सरल कार्य है प्रभु की भक्ति करना। इसमें...

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बिना बोली लगाए गुरु भक्तों ने की मंगल कलश स्थापना : कलश साधु और श्रावक के बीच सेतु का काम करता है – आचार्य विनिश्चयसागर

चातुर्मास में कलश वह माध्यम है, जिससे श्रावक अपने आपको चातुर्मास से जुड़ा हुआ महसूस करता है। यह विचार आचार्य श्रीविनिश्चयसागर जी महाराज ने चातुर्मास कलश...

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भव्य समारोह में आचार्य श्री आर्जवसागर महाराज ने किया चातुर्मास स्थापित : जीवों पर करूणा करके संत वर्षावास में एक स्थान पर ठहर जाते हैं-आचार्य श्री

आचार्य श्री आर्जवसागरजी महाराज ने भव्य समारोह में अपने मंगल चातुर्मास की स्थापना मंत्रोच्चार के साथ की। उन्होंने इस दौरान कहा कि नारियल ऊपर से कठोर दिखाई देता...

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आर्यिकारत्न विज्ञानमति माताजी ने धर्मसभा को किया संबोधित : धर्म प्रभावना करने वाले लोगों का मजाक नहीं बनाना चाहिए

आर्यिकारत्न विज्ञानमति माताजी ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जो मुनिराज अंतरंग से जिन लिंग धारी हैं। पांच समितियां और पांच महाव्रत का पालन करते हैं वह...

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चातुर्मास कलश स्थापना कार्यक्रम संपन्न : चार माह एक ही स्थान पर रुक कर साधना करना चातुर्मास है -आचार्य उदार सागर 

आचार्य श्री 108 उदारसागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास श्री दिगंबर जैन मंदिर, तिलकगंज, सागर में कलश स्थापना के साथ, धर्म प्रभावना पूर्वक प्रारंभ हुआ। कलश स्थापना...

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चातुर्मासिक प्रवचन में बह रही ज्ञान की गंगा : अच्छे भावों का छाता तंत्र मंत्र के कुप्रभाव को भी रोकता है -विज्ञानमति माताजी

उदयनगर में चातुर्मासिक प्रवचन के माध्यम से धर्म और ज्ञान की गंगा बहा रहीं वंदनीय आर्यिका विज्ञानमति माताजी ने धर्म सभा में उपस्थित श्रोताओं को संबोधित करते हुए...

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