Tag - कॉलम

मंथन पत्रिका

दोहों का रहस्य -5 धैर्य को धारण करें : धैर्य रखना और अपने कर्म करते रहना ही सच्ची धार्मिकता है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

समाचार

दोहों का रहस्य -4 स्वयं का उत्थान जरूरी है : हमें अपनी आत्मा के कल्याण में लग जाना चाहिए

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

मंथन पत्रिका

दोहों का रहस्य -3 लालच बुरी बला है : लालच को छोड़कर पुण्य के कार्यों में लग जाना ही समझदारी है

  दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं...

मंथन पत्रिका

दोहों का रहस्य -2 समय का सदुपयोग जरूरी है : धार्मिक प्रवृत्ति से जीवन यात्रा जीने वाला ही संतुष्ट और खुश रह सकता है

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

मंथन पत्रिका

दोहों का रहस्य -1 परोपकार का असली महत्व जानना जरूरी है : दान, भोग या नाश, आप किसमें कर रहे हैं धन का उपयोग

दोहे भारतीय साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा हैं, जो संक्षिप्त और सटीक रूप में गहरी बातें कहने के लिए प्रसिद्ध हैं। दोहे में केवल दो पंक्तियां होती हैं, लेकिन इन...

तीर्थ यात्रा समाचार

तीर्थ यात्रा 5 जैन धर्म और आस्था का प्रमुख केंद्र है उत्तर भारत का यह राज्य : 6 तीर्थंकरों की जन्मस्थली है उत्तरप्रदेश

उत्तर प्रदेश का जैन धर्म से प्राचीन संबंध रहा है। उत्तर प्रदेश की विशाल भूमि जैन तीर्थ यात्रियों से भी समृद्ध है। उत्तर भारत का यह राज्य 6 जैन तीर्थंकरों ऋषभ...

कविता

लव जिहाद और धर्मांतरण पर विशेष कविता : जो बिटिया अपनों को ठुकराती है

कविता कॉलम में आज पढ़िए बेटियों और लव जिहाद पर लिखी एड. अमित कुमार जैन चन्देरी की कविता दुश्मन की बातों में आके, अपनों को ठुकराती है ! छोड़के अपना वंश जो...

समाचार

बेटी बचाओ का संदेश देती कविता : शंखनाद होना चाहिए…

कविता कॉलम में आज पढ़िए बेटियों पर लिखी डॉ.अभिलाषा श्रीवास्तव, सहायक प्राध्यापक हिंदी, अंबाह स्नातकोत्तर महाविद्यालय (अंबाह) की कविता बेटी के सम्मान में अब कुछ...

क्या आप जानते है

श्रीफल ओरिजिनल


क्या आप जानते हैं 7 :
अभिषेक के बिना पूजा है अधूरी

भगवान तीर्थंकर का पूजन अभिषेक पूर्वक ही मान्य है और सम्पूर्ण फल की प्राप्ति कराने वाला है। अभिषेक से संसार और मोक्ष सुख, दोनों मिलते हैं। जिन प्रतिमाओं की...

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