Tag - आचार्य वर्धमान सागर

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चरित्र चक्रवर्ती आचार्य शांतिसागर का आचार्य पद प्रतिष्ठापन शताब्दी महोत्सव संपूर्ण देश में मनाया जाएगा: वर्ष 2024-2025 में होंगे भव्य आयोजन

बीसवीं सदी में दिगम्बर जैन श्रमण संस्कृति के प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती 108 आचार्यश्री शांतिसागरजी महाराज के आचार्य पद प्रतिष्ठान का 100वां वर्ष 2024 में...

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आत्मा में निर्मल गुणों के समीचीन ज्ञान प्रकट करने की क्षमता और दृढ़ता है: आचार्य श्री वर्धमान सागर की मंगल देशना

सम्यक ज्ञान समीचीन ज्ञान है। समीचीन ज्ञान स्वाध्याय तप संयम के माध्यम से अपनी शक्ति सामर्थ्य को प्रकट करें। इससे सम्यक दर्शन, ज्ञान और चरित्र प्राप्त होता है।...

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देव शास्त्र गुरु धर्म का समागम प्राप्त कर उनके प्रति श्रद्धा बनाकर धर्म की वृद्धि करें: आचार्य श्री वर्धमान सागर की मंगल देशना 

आप बहुमंजिला इमारतों में रहते हैं, लेकिन तीन खंड वास्तविक मकान को आप भूल रहे हैं। पहला खंड हमारी आत्मा, दूसरा खंड शरीर, और तीसरा खंड मन। इसमें आत्मा प्रथम खंड...

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धर्म को धारण कर मानव जीवन को सार्थक करें: आचार्य श्री वर्धमान सागर की मंगल देशना

जगत परिवर्तनशील है। हम पर्यावरण पानी की उपेक्षा का परिणाम देख व भोग रहे हैं। पानी सबके लिए जरूरी है विश्व में भारत की जनसंख्या बहुत अधिक है। हमें पानी का महत्व...

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आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज का हुआ विहार : बैंड-बाजे के साथ भव्य जुलूस निकाला गया

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज ससंघ का प्रभात नगर सेक्टर 5 से मंगल बेला में सेक्टर 11 के लिए विहार प्रारंभ हुआ। कृषि उपज मंडी पर श्री आदिनाथ पंचकल्याणक...

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अशोकनगर में हुई धर्मसभा : जिनेन्द्र प्रभु के दर्शन से पुण्य का आश्रव होकर कर्मों की निर्जरा क्षय होता है- आचार्य श्री वर्धमान सागर

सभी को जिनेंद्र प्रभु का दर्शन करना चाहिए। जिनेंद्र प्रभु के दर्शन श्रद्धा और विनय के साथ करना चाहिए। यह मंगल प्रवचन अशोक नगर की धर्म सभा में आचार्य शिरोमणि...

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आचार्य श्री ने व्यक्त की वेश-भूषा पर चिंता : धार्मिक स्थलों को समझ लिया गया है पिकनिक स्पॉट- आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने देव, शास्त्र एवं गुरुओं के समक्ष वेश- भूषा एवं खानपान की विकृति तथा लड़के- लड़कियों के फटे कपड़े...

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जिनालय के ऊपर ध्वजा के लहराने से सुख समृद्धि और शांति होती है: आचार्य श्री वर्धमान सागर ने दिए प्रवचन

आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित केशव नगर उदयपुर में विराजित रहकर धर्म प्रभावना कर रहे हैं। श्री आदिनाथ जिनालय में शिखर पर ध्वजा परिवर्तन उनके संघ सानिध्य...

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दुर्जनों की संगति से जीवन खराब होता है, सज्जनों की संगति से जीवन सुधरता है: मुनि श्री हितेंद्र सागर जी ने धर्मसभा में दिया प्रेरक उद्बोधन 

संसार में आप सभी भ्रमण कर रहे है। जितना ब्राह्य पदार्थों में ममत्व बढ़ता है संबंध में जान-पहचान बढ़ती है , एक से अनेक होते जाते हैं ,जबकि जैन धर्म अनेक से एक...

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धर्मसभा में प्रतिदिन होती है श्रीजी एवं आचार्य श्री की आरती : संसार की सभी गतियों में सुख नहीं है – आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट परंपरा के पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने केशव नगर...

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