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आयुर्वेदिक रोग प्रतिरक्षण विधि : प्रभा आयुर्वेद एवं पंचकर्म की ओर से दिया जाएगा स्वर्णामृत प्राशन


स्वर्ण प्राशन कश्यप संहिता में वर्णित रसायन है, जो कि शुद्ध स्वर्ण भस्म, ब्राह्मी स्वरस, शंखपुष्पी स्वरस, गिलोय स्वरस, बला स्वरस एवं गौघृत इत्यादि औषधियों से मिलकर निर्मित होती है। जिसका सेवन पुष्य नक्षत्र में अत्यन्त लाभदायक है।


इंदौर। स्वर्ण प्राशन कश्यप संहिता में वर्णित रसायन है, जो कि शुद्ध स्वर्ण भस्म, ब्राह्मी स्वरस, शंखपुष्पी स्वरस, गिलोय स्वरस, बला स्वरस एवं गौघृत इत्यादि औषधियों से मिलकर निर्मित होती है। जिसका सेवन पुष्य नक्षत्र में अत्यन्त लाभदायक है। पुष्य नक्षत्र में स्वर्ण प्राशन का सेवन करने से बच्चों का उचित शारीरिक और मानसिक विकास होता है एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है तथा कई बीमारियों से बच्चों का बचाव होता है।

परम पूज्य आचार्यदेव श्री 108 विद्यासागरजी महाराज के आशीर्वाद से श्री दिगम्बर जैन संरक्षिणी सभा द्वारा संचालित ‘प्रभा आयुर्वेद एवं पंचकर्म मल्टी स्पेशलिटी क्लीनिक, इन्दौर द्वारा बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता एवं बौद्धिक क्षमता बढ़ाने हेतु स्वर्ण प्राशन बिन्दु एवं रजत प्राशन बिन्दु औषधि का निर्माण किया गया है। इसका वितरण 4 मार्च, 2023 को किया जाएगा। इसके लिए 100 रुपए का शुल्क रखा गया है। यह वितरण संस्कार सागर पत्रिका के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में होगा। वितरण प्रातः 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा। इच्छुक श्री दिगम्बर जैन पंचबालयति मंदिर विद्यासागर नगर, मंगल सिटी के पीछे, मां अम्बिकानगर, विजयनगर इन्दौर स्वर्ण बिन्दु प्राशन प्राप्त कर सकते हैं।

स्वर्ण प्राशन के लाभ

1 स्वर्ण प्राशन से बच्चों की बुद्धि और याददाश्त तेज होती है। त्वचा का रंग बेहतर होता है एवं पाचन क्रिया अच्छी होती है तथा भूख बढ़ती है।

2. स्वर्ण प्राशन बच्चों को सभी प्रकार के फ्लू एवं एलर्जी से भी बचाता है एवं बच्चों की हाईट बढ़ाता है अतः बच्चों के पूर्ण विकास में सहायक है।

किसे लेना चाहिए और कितनी मात्रा

6 माह से लेकर 16 वर्ष तक का कोई भी बच्चा स्वर्ण प्राशन ले सकता है। हालांकि इसकी मात्रा चिकित्सक के परामर्श के अनुसार घटाई-बढ़ाई जा सकती है।

मात्रा

6 माह से 1 साल तक – 1 से 2 बूंद

1 साल से 5 साल तक – 2से 4 बूंद

5 साल से 10 साल तक – 4 से 6 बूंद

10 साल से 16 साल तक 6 से 8 बूंद

अधिक जानकारी के प्रभा आयुर्वेद एवं पंचकर्म, मल्टी स्पेशलिटी क्लीनिक, इन्दौर में संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए ब्र. जिनेश मलैया (6232967108), डॉ. संदीप प्रभा बजाज एमडी (आयुर्वेद) कैंसर, मधुमेह, थायराइड, किडनी, माइग्रेन रोग विशेषज्ञ, 201-ए, शीतल नगर, होटल रेडिसन ब्लू पीछे, पेट्रोल पंप रोड, विजयनगर इन्दौर ( 8225982258) और डॉ. नीता बजाज एमडी (एचएएम) स्त्री एवं पाईल्स रोग (एनोरेक्टल इनफर्टिलिटी विशेषज्ञ)

से भी संपर्क कर सकते हैं। श्री दिगम्बर जैन पंचबालयति मन्दिर में प्रत्येक सोमवार प्रातः 8 से 9 बजे तक चिकित्सा परामर्श उपलब्ध रहेगा। नाड़ी परीक्षण के लिए निराहार (खाली पेट) आएं।

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