प्रशममूर्ति आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज का 21वां मंगल चातुर्मास वर्ष 2026 में दिल्ली के शक्ति नगर में आयोजित होगा। घोषणा के बाद समाज में उत्साह का वातावरण है और चातुर्मास को ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। पढ़िए श्रीफल साथी की यह रिपोर्ट।
दिल्ली। जैन समाज के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है कि प्रशममूर्ति आचार्य श्री 108 शान्तिसागर जी महाराज (छाणी) परंपरा के प्रमुख संत परम पूज्य आचार्य श्री 108 अतिवीर जी मुनिराज का 21वां मंगल चातुर्मास वर्ष 2026 में राजधानी दिल्ली की धर्मनगरी शक्ति नगर में स्थापित होगा। इस घोषणा से समस्त समाज में उल्लास और श्रद्धा का वातावरण व्याप्त है।
पिछले वर्ष हुई थी घोषणा
आचार्य श्री ने पिछले वर्ष चातुर्मास कलश स्थापना के मंगल अवसर पर श्रद्धालुओं की अपार भक्ति, समर्पण और भावनाओं से अभिभूत होकर शक्ति नगर में वर्ष 2026 का चातुर्मास करने की घोषणा की थी। तभी से समाजजन इस शुभ अवसर की प्रतीक्षा कर रहे थे।
धर्मप्रभावना का बनेगा केंद्र
शक्ति नगर की पावन धरा पर आयोजित होने वाला यह चातुर्मास केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आध्यात्मिक जागरण, आत्मशुद्धि और धर्मप्रभावना का महोत्सव सिद्ध होगा। चार माह तक आचार्य श्री के प्रवचनों की ज्ञानगंगा प्रवाहित होगी और श्रद्धालुओं को आत्मकल्याण का मार्ग प्राप्त होगा।
2013 का चातुर्मास रहा था ऐतिहासिक
विशेष उल्लेखनीय है कि आचार्य श्री 108 विद्याभूषण सन्मति सागर जी महाराज की आज्ञानुसार वर्ष 2013 में भी आचार्य अतिवीर जी मुनिराज का चातुर्मास शक्ति नगर में संपन्न हुआ था। वह चातुर्मास धार्मिक, सामाजिक एवं संगठनात्मक उपलब्धियों के लिए आज भी स्मरणीय माना जाता है।
समाज की भावना को मिला सम्मान
जिनालय के सौंदर्यीकरण एवं पंचकल्याणक प्रतिष्ठा के पश्चात समाज में पुनः यह भावना प्रबल हुई कि आचार्य श्री का चातुर्मास इसी पवित्र स्थल पर आयोजित हो। समाज की इस निष्कलंक भावना को स्वीकार करते हुए आचार्य श्री ने शक्ति नगर को वर्ष 2026 के चातुर्मास की मंगल सौगात प्रदान की।
तैयारियों में जुटा समाज
आचार्य श्री के आगमन की घोषणा के बाद से ही शक्ति नगर एवं आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है। समाजजन चातुर्मास को भव्य, अनुकरणीय और ऐतिहासिक बनाने के लिए विभिन्न तैयारियों में जुट गए हैं।
धर्म, संस्कृति और संगठन को मिलेगा बल
समाज के वरिष्ठजनों का मानना है कि आचार्य श्री के सान्निध्य में आयोजित होने वाला यह चातुर्मास धर्म, संस्कृति, संगठन और सेवा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा। इससे युवा पीढ़ी को भी धर्म से जुड़ने और संस्कारों को आत्मसात करने की प्रेरणा मिलेगी।
समापन
समस्त समाज एकजुट होकर इस मंगल अवसर को सफल बनाने के लिए संकल्पित है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि आचार्य श्री अतिवीर मुनिराज के सान्निध्य में शक्ति नगर का यह 21वां चातुर्मास धर्मप्रभावना, आत्मजागरण और सामाजिक एकता का ऐतिहासिक अध्याय सिद्ध होगा।













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