गुना में राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज के सान्निध्य में आयोजित पंचमुखी पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव, विश्व शांति महायज्ञ एवं त्रय गजरथ महोत्सव का भव्य समापन हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। पढ़िए श्रीफल साथी राजीव सिंघई की यह रिपोर्ट।
गुना। राष्ट्रसंत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ससंघ एवं अठारह पिच्छिकाओं के सान्निध्य में आयोजित पंचमुखी श्रीमद् जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महामहोत्सव, विश्व शांति महायज्ञ एवं त्रय गजरथ महोत्सव का भव्य समापन विशाल गजरथ शोभायात्रा के साथ हुआ। सात परिक्रमाओं के पूर्ण होने पर जयघोषों से पूरा वातावरण धर्ममय हो उठा।
महायज्ञ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
108 कुंडीय विश्व शांति महायज्ञ में हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप भैया के निर्देशन एवं मंत्रोच्चार के बीच सवा करोड़ मंत्रों के साथ आहुतियां समर्पित की गईं। श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की कामना की।
मुनि पुंगव ने दिया धर्म का संदेश
विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि पुंगव श्री सुधासागरजी महाराज ने कहा कि ऐसे धार्मिक महोत्सवों से जगत का वातावरण शुद्ध होता है और धर्म भावना का विस्तार होता है। उन्होंने कहा कि जीवन में जब धर्म का महत्व सांसारिक मोह से अधिक हो जाता है, तब आत्मा भगवंत पद की ओर अग्रसर होती है।
गुना में रचा गया नया इतिहास
मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा ने बताया कि गुना में आयोजित यह महोत्सव कई दृष्टियों से ऐतिहासिक रहा। पंचमुखी पंचकल्याणक में पहली बार पांच सौधर्म इन्द्र एवं पांच भगवान के माता-पिता बनने का सौभाग्य विभिन्न परिवारों को प्राप्त हुआ।
इन प्रमुख पात्रों को मिला सौभाग्य
गजरथ फेरी में सौधर्म इन्द्र के रूप में सुरेश चंद भूपेश जैन, अखिलेश जैन, शैलेन्द्र जैन, प्रद्युम्न धर्मेन्द्र जैन एवं अनुज जैन विराजमान हुए। भगवान के माता-पिता के रूप में एस.के. जैन, अरविंद जैन, देवेन्द्र सिंघई, सुधीर छतरपुरिया एवं सुनील छतरपुरिया ने भूमिका निभाई। महायज्ञ नायक के रूप में डॉ. प्रीतेश जैन एवं डॉ. रागिनी जैन सहित अनेक प्रमुख पात्र शामिल रहे।
नगर में निकली भव्य शोभायात्रा
हाथियों, रथों, धार्मिक ध्वजों एवं भक्ति संगीत के साथ निकली गजरथ शोभायात्रा ने नगरवासियों का मन मोह लिया। गजरथ पर विराजित जिनेन्द्र देव के दर्शन के लिए मार्गभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। विभिन्न नगरों से आए समाजजन भी इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बने।
समाजजनों की रही उल्लेखनीय सहभागिता
पंचकल्याणक महोत्सव समिति के अध्यक्ष एस.के. जैन, महामंत्री प्रदीप जैन एडवोकेट, कोषाध्यक्ष संजीव बगुल्या सहित समिति के पदाधिकारियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अशोकनगर, बीनागंज, कुंभराज, राधौगढ़, आरोन, सिरोंज सहित अनेक स्थानों से आए श्रद्धालु विशेष रूप से उपस्थित रहे।
धर्म, शांति और समृद्धि का संदेश
महोत्सव के दौरान संतों एवं वक्ताओं ने धर्म, संयम, सेवा और आध्यात्मिक उन्नति का संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने इसे गुना नगर के धार्मिक इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय बताया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के निरंतर आयोजन की कामना व्यक्त की।
समापन
विश्व शांति महायज्ञ, पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के सफल समापन के साथ गुना नगर में धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण निर्मित हुआ। आयोजन ने समाज में एकता, श्रद्धा और धर्म प्रभावना का नया संदेश दिया।













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