परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम शिष्य एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य, अर्हम योग प्रणेता परम पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर महाराज का सिंगोली नगर में 10 वर्षों के बाद 29 मार्च 2026 को भव्य आगमन होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर न केवल सिंगोली नगर बल्कि संपूर्ण मेवाड़ प्रांत में उत्साह का वातावरण बना हुआ है। पढ़िए अभिषेक जैन लुहाड़िया की विशेष रिपोर्ट…
सिंगोली। परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के परम शिष्य एवं परम पूज्य आचार्य श्री समय सागर महाराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य, अर्हम योग प्रणेता परम पूज्य मुनि श्री प्रणम्य सागर महाराज का सिंगोली नगर में 10 वर्षों के बाद 29 मार्च 2026 को भव्य आगमन होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर न केवल सिंगोली नगर बल्कि संपूर्ण मेवाड़ प्रांत में उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
10 वर्षों का इंतजार अब होगा पूर्ण
जानकारी देते हुए संरक्षक पारस जैन हरसौरा, अध्यक्ष भरत जैन एवं महामंत्री पारस साकुनिया ने बताया कि परम पूज्य मुनि श्री का नगर आगमन पूरे क्षेत्र में उत्साह और हर्ष का वातावरण उत्पन्न कर रहा है। सिंगोली नगर ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मेवाड़ प्रांत एवं राजस्थान से सटे हाड़ौती क्षेत्र में भी इसको लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि 10 वर्षों का लंबा इंतजार अब पूर्ण होने जा रहा है, जो किसी अतिशय पुण्य से कम नहीं है। संपूर्ण क्षेत्र लंबे समय से गुरुदेव के आगमन की प्रतीक्षा कर रहा था, जो अब साकार होने जा रही है।
लगे हैं भव्य तोरण द्वार
गुरुदेव के स्वागत को लेकर पूरे सिंगोली नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। नगर में जगह-जगह भव्य तोरण द्वार लगाए गए हैं तथा विशेष सजावट की गई है। इस बार जो उत्साह देखा जा रहा है, वह अपने आप में अभूतपूर्व है। नगर की तैयारियों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि गुरुदेव का आगमन ऐतिहासिक एवं स्वर्णिम क्षण साबित होगा। संपूर्ण भारतवर्ष की निगाहें इस समय सिंगोली नगर पर टिकी हुई हैं।
भव्य शोभायात्रा बनेगी आकर्षण का केंद्र
संरक्षक पारस जैन हरसौरा, अध्यक्ष भरत जैन एवं महामंत्री पारस साकुनिया ने बताया कि गुरुदेव का आगमन पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए निर्मित इंद्र नगरी से होगा। यहां से गुरुदेव को नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए ले जाया जाएगा। आगमन के उपलक्ष्य में निकाली जाने वाली शोभायात्रा अत्यंत भव्य और आकर्षक होगी। इसमें घोड़ी, बग्गियां, ढोल-नगाड़े मुख्य आकर्षण रहेंगे। पुरुष एवं युवा वर्ग उत्साहपूर्वक भक्ति नृत्य करते हुए यात्रा में सम्मिलित होंगे। गुरुदेव के नगर प्रवेश के समय चारों ओर जैन धर्म की जय-जयकार गूंजेगी। आचार्य श्री के जयघोष के साथ वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक और भक्तिमय हो जाएगा। जगह-जगह गुरुदेव का पाद प्रक्षालन, मंगल आरती एवं भव्य अगवानी की जाएगी। एक प्रमुख स्थान पर 50 से अधिक विशेष थालों में सामूहिक मंगल पाद प्रक्षालन का आयोजन भी किया जाएगा, जो विशेष आकर्षण रहेगा।
महावीर जयंती पर होंगे विशेष आयोजन
जानकारी अनुसार, 30 मार्च 2026 को भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक महोत्सव, महावीर जयंती के रूप में परम पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में मनाया जाएगा। इसके लिए भी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस अवसर पर नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें संपूर्ण सिंगोली समाज सहभागिता करेगा। साथ ही पूरे नगर के लिए स्नेह भोज का आयोजन किया जाएगा, जो सामाजिक एकता का प्रतीक बनेगा। रात्रि में भव्य भजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा।
2 अप्रैल से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव
परम पूज्य मुनि श्री के सानिध्य में 2 अप्रैल 2026 से नगर में भव्य एवं अभूतपूर्व पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित होगा। यह महोत्सव अपने आप में ऐतिहासिक होगा। जिस मंदिर का पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित होना है, उसकी प्रेरणा स्वयं परम पूज्य गुरुदेव द्वारा प्रदान की गई थी। इस मंदिर निर्माण की आधारशिला लगभग 10 वर्ष पूर्व रखी गई थी, जो अब पूर्णता की ओर अग्रसर है। इस महोत्सव को लेकर न केवल सिंगोली नगर, बल्कि संपूर्ण मेवाड़ प्रांत एवं हाड़ौती क्षेत्र में भी जबरदस्त उत्साह और उमंग का वातावरण बना हुआ है।













Add Comment