आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी के आगमन से समूचा क्षेत्र धर्ममय वातावरण से ओत-प्रोत हो गया है। श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखा जा रहा है तथा नगर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। पथरिया से पढ़िए, यह खबर…
पथरिया (दमोह)। गणाचार्य श्री विरागसागर जी की जन्मस्थली, जहां वर्ष 2025 में पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी ने चातुर्मास किया था। यहां आचार्य और उपाध्याय श्री विशोकसागर जी महाराज ने आचार्य विद्यासागर जी और आचार्य विरागसागर जी की चरण वंदना की थी। भक्तों ने बड़े हर्ष और उल्लास से आस्था का समर्पण किया। मुनि श्री सर्वार्थ सागर महाराज के भक्त अभि गोयल ने बताया कि
आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी के आगमन से समूचा क्षेत्र धर्ममय वातावरण से ओत-प्रोत हो गया है। श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखा जा रहा है तथा नगर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज जी के मंगल प्रवचन एवं सान्निध्य से समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा। अभिषेक अशोक पाटील, कोल्हापुर ने कहा कि मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूँजी मेरी गुरुभक्ति है और उस भक्ति का केन्द्र पट्टाचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज हैं। वे केवल मेरे गुरु नहीं, बल्कि मेरे जीवन की वह शक्ति हैं जो मुझे भीतर से संभालती है, टूटते हुए मन को सहारा देती है और अंधकार में भी प्रकाश का मार्ग दिखाती है। उनके प्रवचनों में केवल उपदेश नहीं, बल्कि माँ जैसी ममता और पिता जैसी दृढ़ता समाहित है। उनके चरणों में बैठकर ऐसा अनुभव होता है की मानो जीवन की सारी उलझनें स्वतः सुलझ जाती हों।मैं स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे ऐसे आचार्य भगवन का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिनका प्रत्येक क्षण लोककल्याण और आत्मकल्याण के लिए समर्पित है।













Add Comment