झारखंड विधायक ने विधानसभा में मांग की है कि जैन संस्कृति के आन बान शान तीर्थ राज सम्मेद शिखर जी पर झारखंड सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन और कई नेताओं की स्टैचू पार्श्वनाथ टोंक के पास स्थापित किए जाएं। विधायक की इस मांग से भारत वर्षीय जैन समाज आंदोलित है। हमारा झारखंड सरकार से कहना है कि तीर्थ राज सम्मेद शिखर जी जैनों का था है और रहेगा। इंदौर से पढ़िए, यह खबर…
इंदौर। झारखंड विधायक ने विधानसभा में मांग की है कि जैन संस्कृति के आन बान शान तीर्थ राज सम्मेद शिखर जी पर झारखंड सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन और कई नेताओं की स्टैचू पार्श्वनाथ टोंक के पास स्थापित किए जाएं। जिन शासन एकता संघ एवं विश्व जैन संगठन के राजेश जैन दद्दू एवं मयंक जैन ने कहा कि किसी भी सरकार को तीर्थ क्षेत्र सम्मेद शिखरजी में अपना अधिकार बताना बहुत ही निंदनीय कृत्य है। दद्दू ने कहा कि विधायक की इस मांग से भारत वर्षीय जैन समाज आंदोलित है। हमारा झारखंड सरकार से कहना है कि तीर्थ राज सम्मेद शिखर जी जैनों का था है और रहेगा। इस तीर्थ की रक्षा के लिए हमें अपने प्राण भी देना पड़े तो हम हजारों की संख्या में तीर्थ की रक्षा के लिए अपने प्राण भी न्यौछावर करने के लिए तैयार हैं।
हमारे शाश्वत तीर्थ के लिए श्रमण संस्कृति के आचार्य विशुद्ध सागर जी के शिष्य श्रुत संवेगी मुनि श्री आदित्य सागर जी ने भी अपने व्यक्तव्य में सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि इस तीर्थ पर किसी ने भी कब्जा करने की कोशिश की तो पूरे देश में अहिंसक आंदोलन किया जाएगा। इंदौर दिगंबर जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेंद्र जैन, महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर झांझरी, सुशील पांड्या, हंसमुख गांधी, टीके वेद, नरेंद्र वेद, नकूल पाटोदी, सुभाष काला, प्रदीप गंगवाल एवं फेडरेशन की राष्ट्रीय शिरोमणि संरक्षिका पुष्पा कासलीवाल, महिला परिषद् की मुक्ता जैन आदि ने विधायक की इस मांग का विरोध करते हुए कहा कि ये मांग आपकी सपने में भी पूरी नहीं होगी।













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