विश्व जैन संगठन के नेतृत्व में दिल्ली से निकली नेमि गिरनार धर्मयात्रा का अंबाह में भव्य स्वागत हुआ। 5300 किलोमीटर की यात्रा के साथ पहुंचे धर्मरथ ने भगवान नेमिनाथ के मोक्ष कल्याणक, अहिंसा, संयम, शाकाहार और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। पढ़िए श्रीफल साथी अजय जैन की यह रिपोर्ट।
अंबाह। विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन के नेतृत्व में दिल्ली से प्रारंभ हुई नेमि गिरनार धर्मयात्रा का गुरुवार को अंबाह में श्रद्धा और उल्लास के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। नगर के विभिन्न स्थानों पर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। लगभग 5300 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर अंबाह पहुंचे धर्मरथ के स्वागत में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
धर्मरथ और झांकी बने आकर्षण का केंद्र
मंगल प्रवेश के दौरान भगवान नेमिनाथ की प्रतिमा सुसज्जित धर्मरथ में विराजमान रही। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से जलाभिषेक एवं पूजन कर दर्शन लाभ प्राप्त किया। रथ के साथ गिरनार तीर्थ की आकर्षक झांकी भी शामिल रही। यात्रा में लगभग एक किलोमीटर लंबा राष्ट्रीय तिरंगा एवं जैन पंचरंगा ध्वज विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
नगर भ्रमण के बाद धर्मसभा
यात्रा पोरसा चौराहा से प्रारंभ होकर नगर पालिका चौराहा, तहसील मार्ग एवं मुरैना रोड होते हुए श्री महावीर जिनालय पहुंची। यहां आयोजित विशाल धर्मसभा में विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन सहित अन्य अतिथियों का पगड़ी, पटका एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।
गिरनार पहुंचने का किया आह्वान
धर्मसभा को संबोधित करते हुए संजय जैन ने कहा कि धर्मयात्रा का उद्देश्य आगामी 20 जुलाई को भगवान नेमिनाथ के मोक्ष कल्याणक महोत्सव पर गुजरात के पावन गिरनार पर्वत में आयोजित ऐतिहासिक कार्यक्रम में देशभर के श्रद्धालुओं की सहभागिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु लगभग 22 हजार सीढ़ियां चढ़कर भगवान नेमिनाथ को निर्वाण लाडू अर्पित करेंगे।
अहिंसा, संयम और राष्ट्रीय एकता का संदेश
समाज के संजीव जैन बिल्लू ने बताया कि धर्मयात्रा 25 जून को दिल्ली से प्रारंभ होकर विभिन्न राज्यों से होते हुए 19 जुलाई को गिरनार पहुंचेगी। संतोष जैन एवं विमल जैन राजू ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य भगवान नेमिनाथ के अहिंसा, त्याग, संयम, करुणा एवं शाकाहार के संदेश का प्रचार-प्रसार करना, व्यसनमुक्ति, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जनजागरण करना है।
श्रद्धालुओं की रही उत्साहपूर्ण सहभागिता
पूरे कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा एवं बच्चों ने भाग लिया। भगवान नेमिनाथ के जयघोष, भक्ति गीतों और धार्मिक वातावरण के बीच यात्रा का स्वागत किया गया। अंत में समाज के पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।
पूरी खबर 5 प्रमुख बिंदुओं में
📍 लोकेशन: अंबाह
🖋️ श्रीफल साथी: अजय जैन
1. दिल्ली से निकली नेमि गिरनार धर्मयात्रा का अंबाह में भव्य मंगल प्रवेश हुआ।
2. लगभग 5300 किमी की यात्रा के साथ धर्मरथ और गिरनार की झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।
3. धर्मसभा में 20 जुलाई को भगवान नेमिनाथ के मोक्ष कल्याणक पर गिरनार पहुंचने का आह्वान किया गया।
4. यात्रा के माध्यम से अहिंसा, संयम, शाकाहार, व्यसनमुक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया।
5. बड़ी संख्या में समाजजन, युवा और महिलाओं ने यात्रा का स्वागत कर धर्मसभा में सहभागिता की।













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