इंदौर नगर में किसी भी व्यक्ति को रक्त के लिए इंतजार नहीं करना पड़ता। निःशुल्क कॉल सेंटर पर बात करते ही रक्त का बंदोबस्त हो जाता है। इस सेंटर से 4 लाख रक्तदाता जुड़े हैं। इस सेंटर ने कई जिंदगी बचाई है। पढ़िए यह खास खबर
इंदौर। जल और रक्त का उत्पादन अब तक कोई भी विज्ञान नहीं कर पाया है। जिस तरह जल को बचाने के लिए जागरूकता की जरूरत है। ठीक वैसे ही रक्त के दान को सबसे बड़ी नेमत माना गया है। दोनों ही द्रव्य मानव को जीवन देते हैं। इंदौर देश का पहला ऐसा महानगर है, जहां पिछले 16 सालों से रक्तदान-महादान की मशाल को थामे 15 लोगों की टीम एक कॉल पर संबंधित रक्त समूह का ब्लड की उपलब्धता कुछ ही समय में करवा देते हैं। इंदौर के लाबरिया भैरू क्षेत्र में गंगवाल बस स्टैंड के समीप एमओजी लाइन में निःशुल्क ब्लड कॉल सेंटर स्थापित है। इस कॉल सेंटर के अध्यक्ष अशोक नायक बताते हैं कि उनके साथ इंदौर सहित आसपास के गांवों और नगरों में 4 लाख लोग रक्तदाता बनकर मानव सेवा में जुटे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि उनके सेंटर की टैग लाइन है- ब्लड चाहिए, हमें बताइए। यह भारत का पहला निःशुल्क ब्लड कॉल सेंटर है, जो रेडक्रास से भी संबद्ध है। नायक ने बताया कि उन्होंने अपनी टीम के सहयोग से हजारों कैंप लगाकर लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया है।
रेयर ब्लड ‘ओ’ बाम्बे भी मनाया था प्लाइट से
यह समिति हर ब्लड ग्रुप का रक्त उपलब्ध करवा देते हैं। अशोक नायक बताते हैं कि इंदौर में पिछले सालों में एक व्यक्ति को रेयर ब्लड ग्रुप ‘ओ’ बांबे की जरूरत पड़ी थी। जिसे मुंबई से फ्लाइट से मंगवाकर दिया था। इसकी सभी अखबारों में चर्चा की थी। सराहना भी खूब हुई थी। पिछले 16 सालों में कैंप इतने लगे हैं कि इनकी गिनती तक याद नहीं। इंदौर नगर और आसपास के ग्रामीण अंचलों में रक्तदान के प्रति जागरूकता के लिए रक्तदान शिविर लगाकर युवाओं को जोड़ने का काम किया है।













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