जैन समाज की एकता और भगवान महावीर के विचारों के प्रसार को लेकर इंदौर में 29 मार्च 2026 को एक ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन और जैन श्वेतांबर सोशल ग्रुप्स फेडरेशन पहली बार एक मंच पर आकर “महावीर अलंकरण समारोह” का आयोजन करेंगे। यह कार्यक्रम महावीर जयंती के जुलूसों से पूर्व आयोजित किया जाएगा। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
इंदौर। जैन समाज की एकता और भगवान महावीर के विचारों के प्रसार को लेकर इंदौर में 29 मार्च 2026 को एक ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है। दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन और जैन श्वेतांबर सोशल ग्रुप्स फेडरेशन पहली बार एक मंच पर आकर “महावीर अलंकरण समारोह” का आयोजन करेंगे। यह कार्यक्रम महावीर जयंती के जुलूसों से पूर्व आयोजित किया जाएगा। पढ़िए यह विशेष रिपोर्ट…
कार्यक्रम रविवार, 29 मार्च को प्रातः 10:45 बजे संगीत कला अकादमी के मनमोहन मेहता ऑडिटोरियम, अटल संकुल (स्कीम नंबर 78) में आयोजित होगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे और उनका विशेष उद्बोधन भी होगा। आयोजकों के अनुसार, वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भगवान महावीर के सिद्धांतों अहिंसा, सत्य और करुणा की प्रासंगिकता लगातार बढ़ रही है। इसी उद्देश्य से दोनों जैन संगठनों ने सामाजिक एकता का संदेश देने के लिए संयुक्त रूप से यह पहल की है। कार्यक्रम में भगवान महावीर के दर्शन और उनके विचारों की वैश्विक प्रासंगिकता पर विस्तृत संवाद भी आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री करेंगे सम्मानित
समारोह के दौरान जैन समाज के चार वरिष्ठ समाजसेवियों को उनके उत्कृष्ट सेवा कार्यों और समाज में योगदान के लिए “महावीर अलंकरण सम्मान” से सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वालों में चंदनमल चौरड़िया, हंसराज जैन, संतोष कुमार जैन और हसमुख जैन गांधी शामिल हैं। इन सभी को मुख्यमंत्री के करकमलों द्वारा सम्मान प्रदान किया जाएगा। आयोजन समिति ने इसे जैन समाज के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया है और समाज के सभी बंधु-भगिनियों से इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर साक्षी बनने का आग्रह किया है। कार्यक्रम के बाद सहभोज का भी आयोजन रखा गया है। आयोजन समिति में राजेश चेलावत (अग्निबाण), विजय मेहता, मनीष सुराना, विमल नाहर, शिरवरचंद बापना और स्वप्निल कोठारी सहित कई सदस्य शामिल हैं। वहीं, सहआयोजन में मनोहर झांझरी, अमित कासलीवाल, राकेश विनायका, सुशील पंड्या और प्रदीप चौधरी भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इस आयोजन को जैन समाज की एकता और सांस्कृतिक समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।













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